अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध (US-Iran War) के बीच ग्लोबल टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही है. दुनिया इस जंग की आग में झुलस नहीं है, क्योंकि तेल-गैस संकट (Oil-Gas Crisis) चरम पर पहुंच गया है. भारत की बात करें, तो एलपीजी को लेकर (LPG) घबराहट है, लोग सप्लाई में रुकावट की चिंता के बीच घबराहट में धड़ाधड़ा सिलेंडर बुकिंग कर रहे हैं. हालांकि, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत में ऑयल-गैस रिजर्व को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज किया है. हालांकि, उन्होंने इस युद्ध के चलते भारत को शॉर्ट टर्म में कुछ आर्थिक नुकसान होने की बात जरूर कही हैं.
'मैं ज्योतिषी नहीं हूं... लेकिन पूरा भरोसा'
बिजनेस टुडे पर छपी एक रिपोर्ट में बताया गया कि एक बिजनेस न्यूज चैनल के अवॉर्ड समारोह में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि हालांकि US-Iran War के चलते भारत में शॉर्ट टर्म में कुछ आर्थिक घाटा आने की संभावना है. हालांकि, भारत इन बाधाओं को पार कर लेगा. उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है और इसके बुनियादी सिद्धांत भी बेहतर हैं.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि भले ही अभी युद्ध चल रहा है, मैं ज्योतिषी नहीं हूं और यह भविष्यवाणी नहीं कर सकता कि यह कब तक चलेगा, लेकिन भारत के लोग समझते हैं कि यह एक ऐसी चुनौती है, जिसे हमें पार करना होगा.' अल्पकाल में इकोनॉमिक एक्टिविटीज में आने वाली कमियों की हम आने वाले महीनों में भरपाई कर लेंगे.
तेल से रुपये तक पर बड़ा दावा
Global Energy Crisis पर बोलते हुए पीयूष गोयल ने भारत में किसी भी बड़े तेल संकट की चिंताओं को खारिज किया है. उन्होंने कहा, कच्चे तेल और ईंधन के मामले में हमारी स्थिति काफी बेहतर है. पर्याप्त भंडार होने के साथ ही कच्चे तेल (Crude Oil), पेट्रोल (Petrol), डीजल (Diesel) से लेकर विमानन ईंधन या एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के मोर्चे पर किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. भारतीय करेंसी रुपये पर दबाव को लेकर उन्होंने कहा कि रुपया धीरे-धीरे वापसी करेगा, संभवतः युद्ध समाप्त होने के बाद.
LPG Crisis पर क्या बोले मंत्री?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस दौरान LPG Crisis In India को लेकर कहा कि एलपीजी आपूर्ति में किसी भी देरी की स्थिति में भारत ने केरोसिन का उत्पादन भी बढ़ा दिया है. हम अलग-अलग स्रोतों से आयात के माध्यम से LPG और LNG की आवश्यकताओं को भी पूरा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत में गैस की खेप पहुंचने में मुश्किल से तीन या चार दिन लगते हैं और ज्यादा से ज्यादा 7 दिन. सरकार भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न स्रोतों पर लगातार विचार कर रही है.
दो दशक तक रहेंगे सबसे तेज इकोनॉमी
Piyush Goyal ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति देश के लिए एक चेतावनी है, लेकिन इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत हर चुनौती को अवसर में बदलने में सक्षम रहा है. उन्होंने भरोसा जताते हुए अपने संबोधन में कहा कि, 'हम कम से कम दो और दशकों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बने रहेंगे.'