अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान (Trump Vs Iran) के खिलाफ एक नया फरमान जारी कर दिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उन्होंने एक पोस्ट शेयर करते हुए ऐलान किया कि जो भी देश Iran के साथ कारोबार करेगा, उस पर 25% का टैरिफ लगेगा. ट्रंप की ये नई टैरिफ धमकी, चीन, यूएई, तुर्की के अलावा भारत के लिए भी परेशानी का सबब बन सकती है. खासतौर पर भारत से जाने वाले बासमती चावल के निर्यातकों (India Basmati Rice Export To Iran) के लिए ये एक बड़ा झटका साबित हो सकता है. इसके अलावा वहां से आने वाले सेब से लेकर कीवी तक की कीमतें बढ़ सकती हैं.
Iran को घेरने के लिए धमकी
Iran को घेरने की कोशिश में डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के व्यापारिक साझेदारों को निशाने पर ले लिया है. ठीक वैसे ही, जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस पर सख्ती के लिए उसके साथ ट्रेड करने वालों पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था. भारत पर Trump Tariff Warning के असर की बात करें, तो इसे लेकर व्यापार मंत्रालय के अधिकारियों ने आजतक के सहयोगी चैनल बिजनेस टुडे को बताया है कि यह घोषणा आधी रात को हुई थी, इसलिए विभाग वर्तमान में संभावित प्रभाव का विश्लेषण करने की प्रक्रिया में लगा हुआ है. उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार एक बयान जारी कर सकती है.

भारत-ईरान क्या-क्या कारोबार?
Iran के तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की ओर से कहा गया है कि व्यापार के मामले में ईरान और भारत के बीच लंबे समय से संबंध हैं. ईरान को भारत से निर्यात होने वाली प्रमुख वस्तुओं में बासमती चावल (Basmati Rice), चाय, चीनी, ताजे फल और दवाइयां शामिल हैं. वहीं ईरान से भारत में पहुंचने वाले सामानों में सबसे प्रमुख सेब, पिस्ता, खजूर और कीवी शामिल हैं.
दूतावास के आंकड़ों पर नजर डालें, तो FY2024-25 में ईरान को भारतीय निर्यात 1.24 अरब डॉलर और आयात 440 मिलियन डॉलर रहा था. कुल द्विपक्षीय व्यापार 1.68 अरब डॉलर रहा, जो 2023-24 के 1.85 अरब डॉलर और 2022-23 के 2.33 अरब डॉलर से कम रहा. कोरोना महामारी के दौरान India-Iran Trade 2021-22 में घटकर 1.91 अरब डॉलर और 2020-21 में 2.1 अरब डॉलर रह गया था. इससे पहले 2019-20 में ट्रेड 4.77 अरब डॉलर और 2018-19 के हाई पर 17.03 अरब डॉलर था.
₹12000Cr के चावल निर्यात पर संकट
बता दें कि ईरान पारंपरिक तौर पर भारतीय बासमती चावल (Indian Basmati Rice) के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल रहा है. हर साल भारत से करीब 12 लाख टन बासमती ईरान को निर्यात किया जाता है और इनकी कीमत अनुमानित 12000 करोड़ रुपये के आस-पास है. इस बासमती निर्यात में सबसे अहम रोल पंजाब और हरियाणा निभाते हैं.

अमेरिका के दनादन एक्शन के बाद से चावल निर्यातकों पर संकट बढ़ गया है. रिपोर्ट्स की मानें, तो बीते कुछ दिनों में ईरान में हड़कंप से वहां की सरकार को खाने के आयात पर सब्सिडी तक बंद करनी पड़ी, जिससे भारतीय निर्यातक शिपमेंट तक रोकने को मजबूर हो गए. करीब 2000 करोड़ रुपये कीमत के कंसाइनमेंट ईरान जाने के लिए पोर्ट्स पर फंसे हुए हैं.
भारत ही नहीं इन देशों पर भी होगा असर
बात करें ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की, तो भारत के अलावा चीन, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान और आर्मेनिया सबसे आगे हैं. यानी ट्रंप के इस टैरिफ अटैक से इन देशों पर भी असर देखने को मिल सकता है और दुनिया में एक बार फिर से ट्रेड वॉर की स्थिति पैदा हो सकती है. भारत के लिए ये इसलिए भी परेशानी का सबब है, क्योंकि देश पर पहले सी ही अमेरिका ने 50% का टैरिफ लगाया हुआ है. एक्स्ट्रा 25% इसे बढ़ाकर 75% कर सकता है.
सेब, खजूर और कीवी हो जाएंगे महंगे
भारत-ईरान ट्रेड डेटा देखने से पता चलता है कि Iran से भारत में सेब, कीवी, खजूर के अलावा अन्य ड्राई फ्रूट्स बड़ी मात्रा में आते हैं और ताजा उथल-पुथल के बीच इनकी सप्लाई में किसी भी तरह की रुकावट या फिर ट्रंप की टैरिफ धमकी के बाद ट्रेड रुकने से इन चीजों की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है. 2024-25 में भारत करीब 311.60 मिलियन डॉलर के फल, नट्स भारत आए थे.