शेयर बाजार अभी दबाव में कारोबार कर रहा है. शुक्रवार को इसमें भारी गिरावट देखने को मिली है, क्योंकि ग्लोबल सेंटिमेंट निगेटिव रहे और जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही है. इस बीच, आशंका जताई जा रही है कि भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भी बड़ी गिरावट आ सकती है. इस तर्क के पीछे तीन संकेत दिखाई दे रहे हैं.
अमेरिकी शेयर बाजार क्रैश
सबसे पहला संकेत ग्लोबल मार्केट है, जहां कल रात भारी गिरावट देखने को मिली. गुरुवार की तुलना में शुक्रवार रात को अमेरिकी बाजार में हैवी गिरावट रही. DOW Jones 793.47 (-1.73%) गिरकर 45,166.64 पर बंद हुआ. S&P में 112 अंको (1.73%) गिरकर 6,424 पर आ गया. अभी डॉउ फ्यूचर 900 अंकों या करीब 2 फीसदी की गिरावट का संकेत दे रहा है. ऐसे में सोमवार को भारतीय बाजार प्रभावित हो सकता है.
कच्चे तेल के दाम में तेजी
कच्चे तेल के दाम में लगातार तेजी देखी जा रही है. बुधवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे कारोबार कर रहा था, लेकिन दो दिनों में ही तेल ने अपना रंग दिखा दिया है. यह अब 112 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुका है. शुक्रवार दे रहा यह 4.22% तक चढ़ गया और 112.570 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. WTI क्रूड ऑयल 5.46% चढ़कर 99.640 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. यह मार्केट में सबसे ज्यादा दबाव का संकेत दे रहा है.
इसके साथ ही नेचुरल गैस की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है. इंटरनेशनल कमोडिटी मार्केट में गैसोलीन के दाम 3.83% चढ़कर 3.2501 पर पहुंच गया.
रुपया और डॉलर
डॉलर की तुलन में रुपया तेजी से टूट रहा है. ईरान और अमेरिका में जंग के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा है, जिस कारण तेल और गैस खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं और एक्सपोर्ट भी बाधित हुआ है. साथ ही भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी जारी है.
मार्च में ही विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर डाली है. ऐसे में रुपया अब 95 लेवल के करीब पहुच गया है और हर दिन ऑल टाइम लो लगा रहा है. सोमवार को जब बाजार खुलेगा तो इसमें फिर दबाव दिख सकता है, जो भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित करेगा.
भारतीय बाजार में भी भारी गिरावट
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी से गिरा. सेंसेक्स 1690 अंक या 2.25% की गिरावट आई और यह 73,583 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 486 अंक या 2.09 फीसदी की गिरावट रही, जो 22,819 पर बंद हुआ. इस गिरावट में निवेशकों ने 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाया.
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 10 दिनों का और मौका दिया है. साथ ही यह भी कहा है कि वह ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर 6 अप्रैल तक कोई हमला नहीं करेंगे. उन्होंने दावा किया है कि ईरान किसी भी तरह से यह समझौत करने के लिए भीख मांग रहा है. डील करने के लिए हमारी अच्छी बातचीत हो रही है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)