शेयर बाजार में कल बजट वाले दिन (Share Market On Budget Day) जमकर उतार-चढ़ाव देखने को मिला था. खासतौर पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT बढ़ाने के ऐलान के बाद तो सेंसेक्स-निफ्टी में कोहराम मच गया. बाजार का मूड ऐसा खराब हुआ कि पलक झपकते ही दोनों इंडेक्स क्रैश (Stock Market Crash) हो गए. BSE Sensex 2300 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो NSE Nifty ने भी अचानक 750 अंकों का गोता लगा दिया. ऐसे में बजट के बाद अब बाजार निवेशकों की इसकी चाल पर पैनी नजर है. देखना दिलचस्प होगा कि क्या एसटीटी का असर आज भी देखने को मिलेगा, या FIIs की भारतीय बाजार में वापसी की राह आसान होने से सेंसेक्स-निफ्टी पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
बजट वाले दिन भूचाल, 11 लाख करोड़ स्वाहा
शेयर मार्केट में रविवार को बजट डे पर खासी उथल-पुथल मची थी. कारोबार के दौरान एक समय ऐसा आया कि सेंसेक्स 2300 अंक से ज्यादा, जबकि निफ्टी 750 अंक से अधिक फिसल गया. हालांकि, बाजार में कारोबार खत्म होते-होते मामूली रिकवरी जरूर देखने को मिली थी, लेकिन फिर भी Sensex 1843.43 अंक फिसलकर 80,722 के लेवल पर क्लोज हुआ था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 593.45 अंक की गिरावट लेकर 24,825.45 के स्तर पर बंद हुआ था.
बाजार में अचानक इस बड़ी गिरावट के शेयर बाजार निवेशकों को तगड़ा नुकसान हुआ था. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते सप्ताह शुक्रवार को बीएसई मार्केट कैप 460 लाख करोड़ रुपये था, रविवार को इस भूचाल के बाद करीब 11 लाख करोड़ घटकर 449 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था.
इस एक ऐलान से बिखरा था बाजार
Nirmala Sitharaman ने अपने बजट भाषण में कहा था कि एफ एंड ओ के तहत STT को बढ़ाया जा रहा है. इससे पिछले वित्तीय वर्ष के बजट में भी इसमें इजाफा किया गया था. इस बार ऑप्शन के तहत सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स को 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है. जबकि फ्यूचर में इसे 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया गया है. इस ऐलान के बाद से ही शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. इस एक ऐलान के बाद निवेशकों की चिंता ऐसी बढ़ी कि शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स देखते ही देखते बिखरते चले गए.
विदेश से मिल रहे RED सिग्नल
बाजार में सोमवार को STT के अलावा, FIIs का असर भी देखने को मिल सकता है. सरकार ने इनकी वापसी के संकेत दे दिए हैं और इसका असर सेंसेक्स-निफ्टी पर देखने को मिल सकता है. बजट ऐलानों को देखें, तो मोदी सरकार ने विदेश में रहने वाले भारतीयों, यानी Persons Resident Outside India (PROI) के लिए भारतीय कंपनियों में निवेश की सीमा को दोगुना करते हुए इसे 5 फीसदी से 10 फीसदी किया है. हालांकि, विदेश से बाजार के लिए मिल रहे सिग्नल रेड हैं और Gift Nifty जहां गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार कर रहा है, तो तमाम एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिल रही है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)