स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एक और आईपीओ आने की चर्चा चल रही है. इस बीच, अनलिस्टेड मार्केट में इसके शेयर धूम मचा रहे हैं. एसबीआई का यह आईपीओ SBI Mutual Fund है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है. पिछले 3 सालों में 3 गुना रिटर्न देने के बाद भी इसके शेयर स्थिर बने हुए हैं.
एसबीआई म्यूचुअल फंड के नॉन लिस्टेड शेयर मौजूदा समय में करीब 750-775 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं, जिससे कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.52 लाख रुपये से 1.57 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है. पिछले तीन सालों में इस शेयर ने निवेशकों की संपत्ति को लगभग तीन गुना बढ़ा दिया है, जबकि इसकी समायोजित कीमत करीब 245-250 रुपये प्रति शेयर थी. पिछले एक साल में इसमें 20 फीसदी की तेजी भी हुई है.
टाइम्स नाऊ के मुताबिक, बिजनेस टुडे ने बताया कि पुणे स्थित मीरा एसोसिएट्स के सीईओ जसबीर सिंह ने कहा कि आईपीओ मौजूदा अनलिस्टेड कीमत से कम पर लॉन्च होने की संभावना है. हालांकि, इसके मजबूत प्रदर्शन और मूल कंपनी को देखते हुए, इसके प्रीमियम वैल्यूएशन की उम्मीद है.
कब होगी शेयर बाजार में लिस्ट
31 मार्च, 2025 को समाप्त नौ महीनों के लिए एसबीआई म्यूचुअल फंड ने 234.3 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट और 3,883.24 करोड़ रुपये का परिचालन राजस्व दर्ज किया है. गौरतलब है कि 18 दिसंबर, 2025 को SBI म्यूचुअल फंड के शेयर बिना बोनस 3:1 के अनुपात में कारोबार कर रहे थे. इसके 2026 की दूसरी छमाही में दलाल स्ट्रीट में एंट्री करने की उम्मीद है.
इन कंपनियों से होगी टक्कर
दिल्ली एनसीआर समेत अनलिस्टेड ज़ोन के को-फाउंडर उमेश पालीवाल ने कहा कि आपूर्ति और मांग में असंतुलन के कारण एसबीआई म्यूचुअल फंड को अनलिस्टेड बाजार में असाधारण लाभ मिल रहा है. उन्होंने कहा कि यह एचडीएफसी एएमसी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी जैसे कम्प्टीटर से मुकाबला करेगा, लेकिन वर्तमान में इसके वैल्यूवेशन उनसे कहीं ज्यादा हैं.
यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी देश के सबसे बड़े कर्जदाता एसबीआई और फ्रांसीसी एसेट मैनेजर अमुंडी का संयुक्त उद्यम है. प्रस्तावित पेशकश में ये दोनों कंपनियां म्यूचुअल फंड में अपनी हिस्सेदारी बेचने की संभावना रखती हैं. यह कदम भारत की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
नए शेयर नहीं होंगे जारी
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने मार्च 2026 में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास डीआरएचपी फाइल किया था. कंपनी द्वारा 1.3 बिलियन डॉलर (लगभग 12,000-12,500 करोड़ रुपये) जुटाने की संभावना है, जिससे एसबीआई फंड्स का मूल्यांकन 13 बिलियन डॉलर (1.2-1.25 लाख करोड़ रुपये) हो जाएगा.
बिना किसी नए शेयर जारी किए, दोनों प्रमोटर - एसबीआई और अमुंडी - आईपीओ के माध्यम से एसबीआई म्यूचुअल फंड में कुल मिलाकर 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर या 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं. डीआरएचपी के अनुसार, एसबीआई अपनी इक्विटी का लगभग 6.3 प्रतिशत (12.83 करोड़ शेयर) बेचेगा, जबकि अमुंडी 3.7 प्रतिशत (7.54 करोड़ शेयर) की पेशकश करेगा.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)