scorecardresearch
 

घटेगी या बढ़ेगी आपके लोन की EMI? अब से थोड़ी देर में RBI का ऐलान

आरबीआई की बैठक में लिए गए फैसलों का आज ऐलान होने जा रहा है. यह बैठक ग्‍लोबल तनाव के बीच हो रही है, जिससे आरबीआई का फोकस रुपये की गिरावट, रेपो रेट और महंगाई को लेकर होगा.

Advertisement
X
आरबीआई रेपो रेट पर आज फैसला. (Photo: File/ITG)
आरबीआई रेपो रेट पर आज फैसला. (Photo: File/ITG)

भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी समिति की बैठक में हुए फैसले का ऐलान शुक्रवार, 5 जून को सुबह 10 बजे होने वाला है. यह बैठक इसलिए काफी खास मानी जा रही है, क्‍योंकि मिडिल ईस्‍ट में तनाव और एनर्जी संकट के कारण महंगाई बढ़ने का खतरा मड़रा रहा है. ऐसे में आरबीआई रेपो रेट और महंगाई को लेकर कुछ बड़ा ऐलान कर सकती है. 

इसके अलावा, आरबीआई निवेश, व्‍यवसाय और लोन लेने वाले ब्‍याज दरों, महंगाई दर और इकोनॉमी को लेकर भी टिप्‍पणी कर सकता है. RBI गवर्नर संजय मल्‍होत्रा की अध्‍यक्षता में छह सदस्‍यीय MPC ने बुधवार, 3 जून को अपनी तीन दिवसीय पॉलिसी बैठक शुरू की और आज इसपर फैसला आएगा. यह बैठक बढ़ती ग्‍लोबल अनिश्‍चतता, कच्‍चे तेल की कीमतें और भारतीय रुपये पर दबाव के बीच की गई है. 

बढ़ेगा या घटेगी लोन की ईएमआई? 
ज्‍यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना ​​है कि RBI घरेलू और वैश्विक परिस्थितियों में हो रहे बदलावों के बीच अपनी सतर्कतापूर्ण नीति को जारी रखते हुए बेंचमार्क रेपो दर को 5.25% पर अनचेंज रखेगा. हालांकि हाल के महीनों में महंगाई केंद्रीय बैंक के कंट्रोल में रही है, लेकिन वेस्‍ट एशिया में तनाव के कारण तेल की कीमतों में आई तेजी ने भविष्य में कीमतों पर पड़ने वाले दबाव और अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. 

Advertisement

महंगाई, डेवलपमेंट और ग्‍लोबल रिस्‍क पर फोकस 
आरबीआई सिर्फ ब्‍याज दर पर ही फैसला नहीं लेगी, बल्कि नीत‍िगत फैसलों का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा. गवर्नर संजय मल्होत्रा महंगाई, विकास संभावनाओं, लिक्विडिटी की स्थिति और रुपये में गिरावट के लिए भी विचार कर सकते हैं. 

वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हाल के घटनाक्रमों ने अनिश्चितता की एक नई परत जोड़ दी है. भारत में खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल 2026 में बढ़कर 3.48% हो गई, जो आरबीआई के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से कम रही. हालांकि, अर्थशास्त्री चेतावनी दे रहे हैं कि तेल की लगातार ऊंची कीमतें और आपूर्ति में रुकावट आने वाले महीनों में महंगाई को और बढ़ा सकते हैं. 

गौरतलब है कि केंद्रीय बैंक ने फरवरी 2025 से अब तक कुल 125 पॉइंट की दर कटौती की एक चेन के बाद इस साल अपनी पिछली नीति समीक्षाओं में रेपो दर को 5.25% पर बरकरार रखा है. अप्रैल में जारी अपनी मॉनिटरी पॉलिसी में, आरबीआई ने तटस्थ रुख बनाए रखा और वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.9% रहने का अनुमान लगाया, जबकि उपभोक्ता महंगाई का अनुमान 4.6% लगाया. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement