भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अभी तक डील साइन नहीं हुआ है. इस बीच, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक बड़ा अपडेट दिया है. वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील स्टेटमेंट्स 4 से 5 दिनों में साइन हो सकता है.
समाचा एजेंसी पीटीआई के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आगे कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले चरण का कानूनी मसौदा मार्च के मध्य तक जारी होने की संभावना है.
वहीं इससे पहले गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका की अर्थव्यवस्था एक दूसरे की पूरक हैं और यह व्यापार समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले साल फरवरी में अमेरिका यात्रा के बाद से ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत चल रही है.
एग्री और डेयरी सेक्टर सेफ
बुधवार को संसद में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि व्यापार समझौते के तहत कृषि और डेयरी क्षेत्र पूरी तरह से संरक्षित हैं. उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन डीसी के साथ नई दिल्ली की ढांचागत समझ दोनों अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करती है. पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समौता MSME, उद्यमियों, कुशल श्रमिकों और उद्योग के लिए नए अवसर खोलेगा.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 की दिशा में हमारी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच मजबूत विकल्प को भी दिखाता है.
एनर्जी डील घरेलू जरूरतों पर बेस्ड है
इसके अलावा, पीयूष गोयल ने कहा कि डील के एजर्नी पहलू को लेकर भारत का नजरिया घरेलू जरूरतों पर आधारित है. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं, जैसा कि सरकार ने बार-बार कहा है कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
गौरतलब है कि सोमवार को डील का ऐलान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 25 प्रतिशत घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, क्योंकि भारत ने अपनी व्यापार बाधाओं को कम किया है और रूसी तेल की खरीद बंद कर दी है और संभावित तौर से वेनेजुएला को एक वैकल्पिक मार्केट के तौर पर देख रहा है.