अमेरिका और ईरान जंग का असर अब नेपाल पर घने कोहरे की तरह छाया हुआ दिख रहा है. एक बार फिर नेपाल ने ईंधन की कीमतों को बढ़ा दिया है. आर्थिक दबाव को कम करने के लिए नेपाल ने मार्च और अप्रैल के दौरान चौथी बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की है.
नेपाल आयल कॉर्पोरेशन ने मिडिल ईस्ट में जंग का हवाल देते हुए पेट्रोलियम पदार्थों के दाम में इजाफा किया है. नेपाल सरकार का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण उसे 10 अरब 21 करोड़ ओर 91 लाख रुपये के रेवेन्यू लॉस होने का अनुमान है.
इसी के मद्देनजर, स्थिति को संभालने के लिए नेपाल ने आज रात से ही तेल की कीमतें बढ़ा दी हैं. रात 12 बजे से ही पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की गई है. पेट्रोल की कीमतों में 17 रुपया और डीजल की कीमतों में 25 रुपया का इजाफा किया गया है. अब नेपाल में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 216.50 रुपया और 1 लीटर डीजल के दाम 204.50 रुपये हो चुका है.
इस बढ़ोतरी के बाद भी भारी नुकसान
तेल की कीमतों में लगातार इजाफा होने के बावजूद नेपाल सरकार को भारी नुकसान होने का अनुमान है. नेपाल सरकार का कहना है कि इस बढ़ोतरी के बाद भी उसे 7 अरब 81 करोड़ नेपाली रुपये का नुकसान हो सकता है. नेपाल ऑयल कॉपोर्रेशन ने कहा कि अंतराष्ट्रीय बाजार में अचानक कीमतों में उछाल से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है. उसने उपभोक्ता से पेट्रोलियम पदार्थ में बढ़ोतरी को लेकर सहयोग की अपील की है.
नेपाल से सस्ता बिहार में तेल
यहां बता दे कि नेपाल की नई सरकार बालेन् शाह ने पेट्रोलियम पदार्थ के कस्टम शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट तीन दिन पहले ही दी है उसके बाद भी नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन को काफी नुकसान का अनुमान लग रहा है. वहीं नेपाल में पेट्रोल डीजल के दाम में बढ़ोतरी के बाद से रक्सौल (बिहार )में काफी मूल्य का अंतर हो गया है नेपाल से सस्ता अभी रक्सौल में पेट्रोल और डीजल मिल रहा है.
नेपाल ने लगातार चौथी बार बढ़े तेल के दाम
पिछले दो महीनों से मिडिल ईस्ट में तेल आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिस कारण नेपाल सकरार ने तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की है. मार्च और अप्रैल के दौरान नेपाल ने चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं. 1 मार्च को पेट्रोल की कीमत 157 रुपये था, लेकिन अब यह बढ़कर 216 रुपये पर चला गया है. इसी तरह, डीजल के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है.