मिडिल ईस्ट टेंशन (Middle East Tension) के बीच तमाम देशों में तेल-गैस संकट देखने को मिल रहा है, तो वहीं पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती (Pakistan Petrol-Diesel Price Cut) की गई है. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान एनर्जी मिनिस्ट्री की ओर से जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सरकार ने 13 जून 2026 से शुरू होने वाले अगले सप्ताह के लिए पेट्रोलियम प्रोडक्ट के रेट संशोधित किए हैं.
अब ये है पेट्रोल-डीजल का दाम?
ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है और इसके बाद Petrol Price कम होकर 373.78 पाकिस्तानी रुपये रह गया है, जो अब तक 377.78 PKR प्रति लीटर था. वहीं दूसरी ओर हाई-स्पीड डीजल के रेट इससे आधा यानी 2 रुपये घटाए गए हैं. Pakistan Diesel Price अब पहले के 380.78 रुपये प्रति लीटर से कम होकर 378.78 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है.
तेल के दाम में लगातार 5वीं कटौती
पाकिस्तान सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमतों ये हालिया हफ्तों में लगातार पांचवीं बार कटौती की गई है. पाकिस्तान, जो ईंधन के आयात पर काफी हद तक निर्भर है, अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और समुद्री आपूर्ति मार्गों में व्यवधान के प्रति संवेदनशील बना हुआ है. देश में हर पखवाड़े तेल की कीमतों में संशोधन किया जाता है. इससे पहले मई महीने में भी देश में ईंधन सस्ता किया गया था.
कच्चा तेल गिरते ही घटाई कीमत
अमेरिका और ईरान के बीच जंग (US-Iran War) की शुरुआत के बाद गहराए तेल-गैस संकट (Oil-Gas Crisis) के बीच बीते अप्रैल महीने में पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जोरदार इजाफा किया था और पेट्रोल 400 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर के पार निकल गया था. लेकिन इसके बाद इसमें कटौती की जाने लगी.
पेट्रोल-डीजल के दाम में हालिया कटौती के पीछे का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट है. Crude Oil Price में अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीद में करीब 4 फीसदी की गिरावट आई है. वहीं ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को जल्द खोले जाने के संकेत भी दिए हैं.
कच्चा तेल सस्ता होने से पाकिस्तान सरकार (Pakistan Govt) ने उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल में कटौती का फैसला लिया. तेल आयात पर ज्यादा निर्भरता के चलते पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों पर कड़ी नजर रखी जाती है क्योंकि ये सीधे देश में परिवहन लागत, बिजली उत्पादन और महंगाई (Pakistan Inflation) को प्रभावित करती हैं.