शेयर बाजार (Stock Market) में निवेशकों की संख्या हर दिन बढ़ रही है. महीने के आंकड़े को देखें तो हर महीने डीमैट अकाउंट खोलने (Demat Account Open) वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है. वित्त वर्ष 2015 के बाद से भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के डाटा के मुताबिक देश में 31 जनवरी 2024 तक 87 मिलियन इन्वेस्टर्स थे, जबकि मार्च 2015 में 17.9 मिलियन निवेशक थे.
करीब 9 साल के दौरान भारत में शेयर बाजार में निवेश (Stock Market Investors) करने वालों की संख्या में 389 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. गुजरात, उत्तर प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक निवेशकों ने शेयर बाजार में खूब पैसा लगाया है. उत्तर प्रदेश (UP) में निवेशकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी गई है. यूपी ने नवंबर 2022 में गुजरात को पीछे छोड़ते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गया था.
यूपी से इतने लोग शेयर बाजार में?
उत्तर प्रदेश से रिकॉर्ड स्तर पर लोग शेयर बाजार में एंट्री ले रहे हैं. पिछले कुछ सालों का आंकड़ा देखें तो वित्त वर्ष 2014 के 6.9% के मुकाबले वर्तमान में निवेशकों की संख्या 10.7% है. मार्च 2015 में 1.24 मिलियन के मुकाबले जनवरी 2024 तक UP से लगभग 9.36 मिलियन निवेशक थे.
किस राज्य में सबसे ज्यादा निवेशक
17.4% हिस्सेदारी के साथ महाराष्ट्र सबसे टॉप पर है. वित्त वर्ष 2015 में इसकी हिस्सेदारी 19.9% थी. 31 जनवरी 2024 तक महाराष्ट्र में 15.3 मिलियन शेयर बाजार निवेशक थे, जबकि 31 मार्च 2015 को यह संख्या 3.55 मिलियन थी. गुजरात (9%), पश्चिम बंगाल (5.6%), कर्नाटक (5.6%) और राजस्थान (5.6%) हैं. कुल मिलाकर करीब 54% रजिस्टर्ड शेयर बाजार निवेशक इन 6 राज्यों से आते हैं.
बिहार से इतने रजिस्टर्ड निवेशक
तमिलनाडु में 4.86 मिलियन रजिस्टर्ड शेयर बाजार निवेशक हैं. इसके बाद मध्य प्रदेश 4.18 मिलियन, आंध्र प्रदेश 4.05 मिलियन, दिल्ली 40.50 लाख और बिहार 3.59 मिलियन थे. वित्त वर्ष 2015 में 294,000 निवेशक के साथ बिहार की हिस्सेदारी सिर्फ 1.6% थी.
(नोट- शेयर बाजार या आईपीओ में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)