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Jaypee Infratech Share: बिक गई ये बड़ी कंपनी, शेयर की ट्रेडिंग बंद, जानिए अब निवेशकों का क्‍या होगा?

जेपी इंफ्राटेके के दिवालिया होने के कारण इसके शेयरों की ट्रेडिंग बंद कर दी गई थी. इसका अंतिम शेयर प्राइस 1.27 रुपये था. सुरक्षा समूह ने पिछले महीने अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी से मंजूरी के बाद जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (JIL) का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया था.

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Jaypee Infratech Ltd
Jaypee Infratech Ltd

संकट में फंसी एक और कंपनी बिक चुकी है. यह कंपनी जेपी इंफ्राटेक है, जिसे सुरक्षा रियल्‍टी ने खरीदा है. सुरक्षा ग्रुप (Suraksha Group) ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड को दिवालिया प्रक्रिया के तहत अधिग्रहण किया है. शेयर बाजार को दी जानकारी के अनुसार, ग्रुप ने देवांग प्रवीण पटेल को अपना मुख्‍य फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्‍त किया है. पटेल ने यह पद आठ जून 2024 से को ही संभाल लिया था. अब जेपी इंफ्राटेक के शेयर मार्केट से डिलिस्‍ट किए जाएंगे. 

जेपी इंफ्राटेके (JP Infratech) के दिवालिया होने के कारण इसके शेयरों की ट्रेडिंग बंद कर दी गई थी. इसका अंतिम शेयर प्राइस 1.27 रुपये था. सुरक्षा समूह ने पिछले महीने अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी से मंजूरी के बाद जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (JIL) का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया था. वह अब JIL को स्टॉक एक्सचेंज से हटाएगी, जिसके लिए सुरक्षा समूह ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड में 125 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी भी डाली है. 

शेयर होल्‍डर्स का क्‍या होगा? 
शेयर बाजार से डिलिस्‍ट किए जाने के बाद शेयरों होल्‍डर्स के पैसे का भुगतान किया जाएगा. डायरेक्‍टर बोर्ड ने पेमेंट किए जाने वाले सभी शेयर होल्‍डर्स का नाम तय कर लिया है. इसके लिए रिकॉर्ड डेट 21 जून 2024 तय किया गया है. इन्‍हें कंपनी के जारी इक्विटी शेयरों को हटाने और बाद में निकासी मूल्‍य का भुगतान किया जाएगा. हालांकि सुरक्षा समूह को जारी किए गए शेयर निष्क्रिय नहीं होंगे. 

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NCLT ने सुरक्षा रियल्‍टी की बोली पर लगाई थी मुहर 
गौरतलब है कि एनसीएलटी ने 24 मई को जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड को अधिग्रहण करने के लिए सुरक्षा रियल्‍टी की तरफ से लगाई बोली को बरकरार रखा था. साथ ही इसे किसानों को मुआवजे के तौर पर यमुना यीडा को 1,334 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश भी दिया था. इसके पहले मार्च 2023 में राष्‍ट्रीय कंपनी विधि न्‍यायाधिकरण ने दिवालिया प्रक्रिया पर मुहर लगाई थी. 

यीडा ने दी थी चुनौती 
एनसीएलटी के अप्रूव करने के बाद यीडा समेत कई पक्षों ने NCLT के आदेश को चुनौती देते हुए NCLAT में याचिका दायर की थी. यीडा ने किसानों के मुआवजे के रूप में लगभग 1,700 करोड़ रुपये का दावा किया था. 

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