भारत में LPG के दाम में इजाफा किया गया है, जिसके बाद से ये चर्चा होने लगी है कि सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ा सकती है. हालांकि अभी तक इसपर कोई अधिकारिक जानकारी सामने नहीं है, लेकिन आजतक के सरकारी सूत्रों ने पेट्रोल-डीजल के दाम पर बड़ी जानकारी दी है.
सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार अभी ऐसा कोई प्लान नहीं कर रही है और आगे भी पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा होने की संभावना नहीं है. सोर्स के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल के रेट नहीं बढ़ेंगे, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से जल्द ही कार्गो की आवाजाही शुरू हो जाएगी.
LPG को लेकर सरकार का क्या है प्लान?
एलपीजी प्राइस को लेकर सूत्रों ने बताया कि पिछले 12 सालों में LPG सिलेंडर का रेट 110 रुपये बढ़ गया है और LPG के प्रोडक्शन को लेकर सरकार में अच्छी-खासी चर्चा हो रही है. वहीं एक दिन पहले यह खबर आई थी कि LPG के प्रोडक्शन को अधिकतम करने के लिए सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया है. सरकार ने कहा है कि तेल कंपनियों का फोकस LPG गैस का प्रोडक्शन पर ज्यादा होना चाहिए.
LPG के बढ़े दाम
गौर करने वाली बात है कि जंग के बीच में सरकार ने गैस सिलेंडर के दाम में भी इजाफा कर दिया है. 11 महीने बाद रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी की गई है. 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर 19KG की कीमत में 115 रुपये का इजाफा की गई है.
भारत के पास पर्याप्त कच्चा तेल
इधर, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भारत के पास पर्याप्त पेट्रोलियम स्टॉक है. पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ भरपूर भंडार है. उन्होंने कहा कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और रणनीतिक भंडार के साथ-साथ रसद (logistics) के मोर्चे पर भी स्थिति कंट्रोल है. उन्होंने कहा कि भारत के पास 50 से 60 दिनों का भंडार है.
कच्चे तेल के दाम में तेज उछाल
बता दें पश्चिम एशिया में छिड़े जंग के कारण कच्चे तेल के दाम में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी देखी गई है. एक हफ्ते के दौरान ही इसमें 39 फीसदी का इजाफा हुआ है. शुक्रवार को कच्चे तेल का दाम अपने 52 सप्ताह के हाई पर पहुंच गया था, जिसमें 3.50 फीसदी का इजाफा हुआ था.