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ईरान जंग ने बिगाड़ा गेम... भारत के निर्यात में बड़ी गिरावट, 58% की आई कमी!

ईरान और अमेरिका के बीच जंग ने भारत के निर्यात को बहुत ज्‍यादा प्रभावित किया है, जिस कारण मार्च के दौरान भारत का निर्यात 58 फीसदी तक कम हो चुका है.

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मिडिल ईस्‍ट में तनाव के कारण भारत का एक्‍सपोर्ट प्रभावित हुआ. (File Photo: ITG)
मिडिल ईस्‍ट में तनाव के कारण भारत का एक्‍सपोर्ट प्रभावित हुआ. (File Photo: ITG)

भारत का एशिया को निर्यात में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. ईरानी जंग ने कुछ ऐसा गेम बिगाड़ा है, जिससे एशिया में सामानों को भेजने में भारी कमी आई है. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि चल रहे जंग के कारण वेस्‍ट एशिया को भारत के निर्यात में मार्च में भारी गिरावट आई है और इस क्षेत्र को होने वाले शिपमेंट में लगभग 58 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. 

अग्रवाल ने कहा कि जंग की वजह से मार्च में पश्चिम एशिया क्षेत्र को निर्यात में 57.95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र से आयात में बड़ी गिरावट आई है. उन्‍होंने बताया कि जंग के कारण मार्च में वेस्‍ट एशिया सेक्‍टर से भारत के आयात में 51.64 प्रतिशत की गिरावट आई. 

यह रुकावट ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी से जारी अमेरिका-ईरान जंग के कारण होर्मुज का रास्‍ता बंद है, जो वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. ईरान ने इस मार्ग से माल ढुलाई पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ है.

भारत के कुल निर्यात में गिरावट
इस महीने भारत के कुल निर्यात में भी गिरावट आई. अग्रवाल ने बताया कि मार्च में निर्यात 7.44 प्रतिशत घटकर 38.92 अरब डॉलर रह गया. मंथली गिरावट के बावजूद सालाना व्यापार आंकड़ों में मामूली तेजी देखने को मिली है. उन्होंने कहा कि 2025-26 में माल निर्यात 1 प्रतिशत बढ़कर 441.78 अरब डॉलर हो जाएगा. 

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साल 2025-26 में सर्विस सेक्‍टर का निर्यात 418.31 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जिससे कुल निर्यात में बढ़ोतरी होगी. सचिव ने आगे कहा कि भारत की वस्‍तुओं और सर्विस के निर्यात में वर्ष 2025-26 में सालाना आधार पर 4.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह 860 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. 

व्‍यापार वार्ता के लिए अमेरिका जाएगी टीम 
इस बीच, एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अमेरिकी अधिकारियों के साथ व्यापार वार्ता करने के लिए वाशिंगटन का दौरा करेगा. व्यापार समझौते पर पहले मार्च में हस्ताक्षर होने थे, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ में हुए बदलावों ने स्थिति को बदल दिया. 

अधिकारियों ने पहले कहा था कि अमेरिका की नई टैरिफ व्यवस्था लागू होने के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. व्यापार समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल 20 से 22 अप्रैल तक अमेरिका का दौरा करेगा. 

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