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जंग होगी खत्‍म? ईरान ने होर्मुज को लेकर रखा ये प्रस्‍ताव, अब खुल जाएगा रास्‍ता!

स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज का एक एरिया खुल सकता है, क्‍योंकि ईरान ने एक प्रस्‍ताव पेश किया है. इस प्रस्‍ताव पर विचार किया जा रहा है. अब सबकुल अमेरिका पर निर्भर करता है कि वह ये मानता है कि नहीं? ऐसा रिपोर्ट में दावा किया गया है.

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ईरान का होर्मुज खोलने को लेकर प्रस्‍ताव. (Photo: File/ITG)
ईरान का होर्मुज खोलने को लेकर प्रस्‍ताव. (Photo: File/ITG)

अमेरिका के साथ हुई बातचीत के बाद ईरान ने एक प्रस्‍ताव रखा है. इसके बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि होर्मुज का रास्‍ता खुल सकता है और जंग धीरे-धीरे करके खत्‍म हो सकती है, जिससे जहाजों का आवागमन आसान हो जाएगा और तेल-गैस की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी. 

दरअसल, रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका के साथ हुई बातचीत के दौरान पेश किए गए प्रस्तावों के अनुसार, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के ओमान की ओर से जहाजों को हमले के खतरे के बिना स्वतंत्र रूप से गुजरने की अनुमति देने पर विचार कर सकता है. इस कदम का उद्देश्‍य नए सिरे से होने वाले जंग को रोकना है. 

रिपोर्ट में यह भी आगे कहा गया है कि स्‍पष्‍ट नहीं है कि ईरान कोई बारूदी सुरंगे हटाएगा या इजरायल से जुड़े जहाजों समेत सभी जहाजों को बिना किसी रोक-टोक के गुजरने देगा. हालांकि, यह भी देखना जरूरी होगा कि क्‍या अमेरिका ईरान के इस प्रस्‍ताव को मानता है या नहीं? व्हाइट हाउस और ईरान के विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. 

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अभी इस प्रस्‍ताव पर हो रहा विचार
रिपोर्ट के अनुसार, एक पश्चिमी सुरक्षा सूत्र ने कहा कि ओमान के जलक्षेत्र से जहाजों को बिना किसी प्रतिबंध के गुजरने देने का प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन यह जानकारी नहीं है कि अमेरिका ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है या नहीं. यह प्रस्‍ताव ईरान की तरफ से ऐसे वक्‍त में सामने आया है, जब ईरान ने टोल वसूली और अमेरिका ने नाकबंदी संबंधी बात कही थी. 

संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के सदस्य देशों ने जलडमरूमध्य का उपयोग करने वाले जहाजों पर टोल लगाने के ईरान के विचार का विरोध किया है. आईएमओ ने चेतावनी दी है कि इससे एक खतरनाक मिसाल कायम होगी. 

स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित 34 किलोमीटर चौड़ा एक संकरा जलमार्ग है. यह खाड़ी से हिंद महासागर तक जाने का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति के साथ-साथ उर्वरकों जैसी अन्य वस्तुओं के लिए भी एक खास रास्‍ता है. 

20 नाविक खाड़ी में फंसे हैं 
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे जंग ने ग्‍लोबल तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित की है. इस रास्‍ते से ग्‍लोबल 20 फीसदी तेल और गैस का आयात होता है. 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से, सैकड़ों टैंकर और जहाज, साथ ही 20,000 नाविक खाड़ी में फंसे हुए हैं. 8 अप्रैल को सीजफायर लागू हुआ था, लेकिन ट्रंप ने हाल ही में यह भी दावा किया है कि अब जंग खत्‍म होने को है. 

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