भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर बड़ी खबर आई है. डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा डील को लेकर किए गए ऐलान के बाद उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के पिछले हफ्ते एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन भी कर दिए गए हैं. वहीं इसे लेकर जारी की गई फैक्टशीट में भी चुपचाप अमेरिका ने महज एक दिन बाद ही बड़े संशोधन भी कर दिये हैं, जो भारत के लिए बेहद राहत भरे या कहें Good News For India है. इसके सबसे बड़ा ये है कि डील के तहत भारत द्वारा 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामानों की खरीदारी की शर्त को प्रतिबद्धता (Committed) के बजाय अब इरादा या योजना में तब्दील कर दिया गया है. मतलब ये बाध्यकारी नहीं है.
US ने चुपचाप कर दिया संशोधन
व्हाइट हाउस (White House) द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील फैक्टशीट जारी किए जाने के एक दिन बाद ही उसने चुपचाप समझौते के शर्तों और शब्दों को संशोधित कर दिया है. प्रमुख चेंज में से एक यह है कि भारत द्वारा 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के अमेरिकी उत्पादों को खरीदने की शर्त को पहले Committed बताया गया था, लेकिन अब इस शब्द को बदलकर 'खरीदने का इरादा' कर दिया गया है, इससे ये समझौता भारत के लिए और भी राहत भरा हो गया है.
पहले जारी फैक्टशीट में क्या था?
गौरतलब है कि India-US Trade Deal का फ्रेमवर्क जारी किए जाने के बाद व्हाइट हाउस ने मंगलवार को समझौते की जुड़ी प्रमुख शर्तों को उजागर करते हुए एक फैक्टशीट जारी की थी. इसमें कहा गया है कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक बड़ी रेंज पर शुल्क समाप्त (Tariff Free) करेगा या कम (Tariff Cut) करेगा.
इसके साथ ही इसमें ये भी कहा गया था कि भारत ने अधिक अमेरिकी प्रोडक्ट्स खरीदने और 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी ऊर्जा, आईटी, कृषि, कोयला समेत अन्य उत्पादों की खरीद के लिए प्रतिबद्धता जताई है. अब इस शर्त को बदल दिया गया है.
दालों को लिस्ट से किया बाहर!
US White House की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक और बड़ा संशोधन किया गया है, जो भारत के लिए खासतौर पर राहत भरा है. दरअसल, इसमें डील के तहत लागू प्रोडक्ट कैटेगरी की लिस्ट से कृषि शब्द को हटाया गया है. कुछ वस्तुओं, जिनमें कुछ दालें भी शामिल हैं, उन्हें Tariff Cut सूची से दूर कर दिया गया है.
India-US Trade Deal Factsheet के पहले के संस्करण में यह बताया गया था कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDG), लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट और अन्य उत्पादों सहित अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत रेंज पर टैरिफ को समाप्त या कम करेगा.
ये बड़ा बदलाव भी किया गया
नई और संशोधित फैक्टशीट में एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव है, जिसमें पहले की तरह यह नहीं कहा गया है कि भारत अपने डिजिटल सेवा करों (Digital Services Tax) को हटा देगा. इसके बजाय, इसमें कहा गया है कि भारत मजबूत द्विपक्षीय डिजिटल व्यापार नियमों के एक ग्रुप पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध है. इससे पहले के संस्करण में उल्लेख किया गया था कि भारत अपने डिजिटल सेवा करों को हटा देगा.