वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलपीजी संकट को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने कहा कि एलपीजी की निरंतर आपूर्ति हमारे एक दशक के एनर्जी परिवर्तन की रणनीति के कारण है. इस जंग ने दुनिया को परेशानी में डाल दिया है, जिससे एनर्जी संकट की समस्या आई है.
उन्होंने आगे कहा कि वेस्ट एशिया संघर्ष ने वास्तव में नया संकट खड़ा किया है, लेकिन भारत में आत्मनिर्भरता और LPG प्रोडक्शन में बढ़ोतरी के कारण एलपीजी की निरंतर आपूर्ति बनी हुई है. संसद में चल रही बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये जानकारी दी.
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट ने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है. एलपीजी आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से आता है. ऐसे में इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं कि हमें एलपीजी मिलेगी या नहीं? ऐसे समय में हम एलपीजी की आपूर्ति को पूरा कर रहे हैं, इस बारे में पर्याप्त रिपोर्ट्स मौजूद हैं.
2014 के बाद बिजली उत्पादन क्षमता दोगुनी
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भरता और भारत की ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने पर जोर देने से बहुत मदद मिली है. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत ने अपने विद्युत क्षेत्र के विकास पर जोर दिया है, जो कई तरह से जरूरतों को पूरा कर रहा है. वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि अब ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और 2014 के बाद से स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता दोगुनी से अधिक हो गई है.
घरेलू स्तर पर बढ़ी उत्पादन की क्षमता
सीतारामण ने आगे कहा कि एलपीजी क्षेत्र में भी हम अपने उत्पादन की क्षमता बढ़ा रहे हैं और इस सिचुएशन में भी एलपीजी घरेलू क्षमता बढ़ाने की हमारी कोशिशें कारगर साबित हो रही हैं. घरेलू स्तर पर एलपीजी की क्षमता लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है.
उन्होंने कहा कि इसलिए यह तय करने के लिए कि परिवारों को परेशानी न हो, न केवल शिपिंग लाइनों का निरंतर आपूर्ति पूरी की जा रही है, बल्कि घरेलू स्तर पर भी हमने अन्य हाइड्रोकार्बन पदार्थों से एलपीजी उत्पादन बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि घरेलू आपूर्ति को सही तरीके से पूरा किया जा रहा है, जिस कारण आपूर्ति स्थिर बनी हुई है. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत द्वारा एलपीजी उत्पादन में रातोंरात 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का एकमात्र कारण पॉलिसी में बदलाव है.
वेस्ट एशिया से सबसे ज्यादा एनर्जी आयात
गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ने से ग्लोबल स्तर पर एनर्जी की सप्लाई बाधित हुई है. खासकर एलपीजी की सप्लाई में सबसे ज्यादा दिक्कत आई है, क्योंकि वेस्ट एशिया से भारत सबसे ज्यादा गैस का आयात करता है. हालांकि अब वित्त मंत्री का दावा है कि अभी कोई दिक्कत नहीं है, गैस की आपूर्ति निरंतर की जा रही है.