वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने के साथ ही कच्चे तेल के दामे में तेजी देखी गई है. ब्रेंट क्रूड ऑयल 106 रुपये पर पहुंच चुका है, जिस कारण तेल कंपनियों को महंगे दामों पर तेल का आयात करना पड़ रहा है. साथ ही होर्मुज के बाधित होने से अन्य रास्ते से आयात करने पर लागत भी बढ़ी है.
इस बीच, केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को बड़ी राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को कम कर दिया है. पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से कम करके 3 रुपये कर दिया है, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को 10 रुपये से घटाकर शून्य रुपये कर दिया है.
क्या घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
अक्सर देखा जाता है कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी के कम होने से तेल कंपनियां लोगों को राहत देते हुए फ्यूल के दाम में कटौती करती हैं, लेकिन इस बार स्थिति अलग है. सरकारी अधिकारी का कहना है कि तेल कंपनियों को यह राहत दी गई है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है और लागत में भी इजाफा हुआ है. ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम ना बढ़े, इसलिए एक्साइज ड्यूटी को कम किया गया है.
साफ शब्दों में कहें तो एक्साइज ड्यूटी कम होने से पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं होगा, बल्कि आम लोगों के लिए यह राहत है कि तेल कंपनियां इस संकट के बीच भी पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाएंगी.
तेल एक्सपोर्ट पर ड्यूटी बढ़ी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वेस्ट एशिया संकट को देखते हुए, घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कमी की गई है. इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में बढ़ोतरी से सुरक्षा मिलेगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को जरूरी सामानों की आपूर्ति और कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाया जाए.
सीतारमण ने आगे कहा कि डीजल के निर्यात पर ₹21.5 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.5 प्रति लीटर का शुल्क लगाया गया है. इससे घरेलू खपत के लिए इन उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी. इस बारे में संसद को जानकारी दे दी गई है.
सरकार ने उठाया बोझ
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने कहा कि पिछले 1 महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं. नतीजतन, दुनिया भर में उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं. दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कीमतों में लगभग 30%-50% की बढ़ोतरी हुई है, उत्तरी अमेरिकी देशों में 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीकी देशों में 50% की बढ़ोतरी हुई है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास दो विकल्प थे या तो भारत के नागरिकों के लिए कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ा दी जाएं, जैसा कि बाकी सभी देशों ने किया है या फिर इसका बोझ उठाया जाए, ताकि भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से सुरक्षित रह सकें. सरकार ने अपने राजस्व पर भारी बोझ उठाया है.
देश के बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
दिल्ली में पेट्रोल के दाम ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर है. नोएडा में पेट्रोल ₹94.85 और डीजल ₹87.98 है. इसी तरह, मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है. चेन्नई में पेट्रोल की कीमत ₹100.80 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹92.38 प्रति लीटर है.
(रिपोर्ट- करिश्मा)