रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) की बात हो या फिर अमेरिका की ईरान पर सख्ती (US Action On Iran), लगभग हर वैश्विक संकट का असर भारत पर भी देखने को मिलता है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने बड़ा धमाका करते हुए ईरान को घेरने के लिए उसके व्यापारिक साझेदार देशों पर 25% टैरिफ (Trump 25% Tariff Attack) लगाने का ऐलान किया है और डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले ने एक बार फिर से भारत को US के निशाने पर ला दिया है, ठीक वैसे ही जैसे रूसी तेल खरीदने को लेकर US Tariff On India दोगुना होकर 50% हो गया था.
क्या ईरान की आड़ में भारत पर निशाना?
ट्रंप के टैरिफ से जुड़े फैसलों को देखकर ऐसा लगता है कि मानो ईरान हो या रूस Donald Trump भारत को निशाना बनाने का कोई न कोई बहाना ढूंढ़ ही लेते हैं. इसे एक हालिया उदाहरण से समझें, तो सोमवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने भारत को अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार बताया, तो महज कुछ घंटों बाद ही उनके बॉस डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया, जिसका सीधा और गहरा असर भारत पर पड़ने की आशंका है. इसकी वजह ये है कि ईरान के टॉप-5 व्यापारिक साझेदारों में भारत भी शामिल है और नए टैरिफ के साथ अमेरिका का भारत पर टैरिफ (US Tariff On India) बढ़कर 75% तक हो सकता है.
अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील (India-US Trade Deal) अटकी हुई है. वहीं दूसरी ओर भारतीय वस्तुओं के आयात पर अमेरिका ने पहले से ही 50% का हाई टैरिफ लागू किया हुआ है, जिसमें 25% जुर्माने के तौर पर रूसी तेल की खरीद (Russian Oil Import) के लिए लगाया गया है. अब ईरान पर ट्रंप के ऐलान से भारत पर लागू कुल अमेरिकी टैरिफ 75% हो सकता है. बता यहीं नहीं थमती है, क्योंकि एक अमेरिकी विधेयक पारित होने की आशंका भी है, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रंप के द्वारा 500% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है और Donald Trump पहले ही इसे मंजूरी दे चुके हैं.

ईरान से व्यापार घटा, फिर भी बड़ा पार्टनर भारत
हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत-ईरान व्यापार 2019 से ही घटता चला आ रहा है, जब भारत ने ईरानी तेल (Iran Crude Oil) का आयात बंद कर दिया था. 2019 से लेकर 2024 तक India-Iran Trade 87% की गिरावट आई है और ये 2019 में 17.6 अरब डॉलर से 2024 में 2.3 अरब डॉलर पर आ गया है. इसके बाद भी देश ईरान के पांच सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है.
क्या चाबहार पोर्ट पर पड़ेगा असर?
भारत पर असर इसलिए भी बड़ा होने की संभावना है, क्योंकि Iran-India Trade Relation पुराने हैं और ये व्यापारिक के साथ ही रणनीतिक भी रहे हैं. फिर बात ऊर्जा आयात की हो या फिर चाबहार बंदरगाह के डेवलपमेंट में भारत के निवेश की, जो पाकिस्तान को बायपास कर अफगानिस्तान और मिडिल ईस्ट के लिए भारत का एंट्री पॉइंट है.
चाबहार पोर्ट दोनों देशों के संबंधों का एक अहम केंद्र रहा है. भारत ने यहां शाहिद बेहेश्टी टर्मिनल के डेवलपमेंट के लिए भारी भरकम निवेश कर रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें, तो फिलहाल ट्रंप के एक्शन का बंदरगाह के विकास पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि बीते साल भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी प्रतिबंधों से 6 महीने की छूट हासिल कर ली थी, जो 29 अप्रैल को खत्म होने वाली है.
ट्रंप की टाइमिंग से उठे बड़े सवाल
ईरान तो बहाना है भारत ट्रंप का असली निशाना है, इस तरह के बातें ट्रंप की टाइमिंग से भी साफ होती नजर आ रही हैं. भले ही चीन ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन Trump New Tariff Warning का भारत पर व्यापार से अलग भी असर होते दिख रहा है. ट्रंप ने ये Tariff Hike का ऐलान ऐसे समय में किया है, जबकि कुछ घंटों पहले ही उनके भारत में राजदूत ने लंबे समय से अटकी India-US Trade Deal पर अगले दौर की बात शुरू होने की बात कही थी.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ एक्सपर्ट्स इस नए टैरिफ ऐलान को भारत को इस अटके व्यापार समझौते पर अमेरिकी शर्तों को मानने के लिए मजबूर करने की एक रणनीति के रूप में देख रहे हैं. इसे एक और उदाहरण के तौर पर आसानी से समझा जा सकता है. बता दें कि अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक द्वारा हाल ही में बड़ा खुलासा करते हुए कहा गया था कि India-US Trade Deal नीतिगत मुद्दों के चलते नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्रंप को सीधे फोन करके समझौते को अंतिम रूप देने से इनकार करने के कारण पूरी नहीं हो सकी. मतलब साफ है कि Donald Trump किसी भी देश को अपने अहंकार को संतुष्ट न करने या बात न मानने के लिए बड़ी कीमत चुकाने पर मजबूर कर सकते हैं.
पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने कही बड़ी बात
अमेरिका के पूर्व डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट इवान ए फीगेनबाम ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट के जरिए बड़ी बात कही है. उन्होंने लिखा, 'भारत पर 50% टैरिफ पहले से ही दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले सबसे अधिक है, तो क्या उसके लिए ये काफी नहीं था. अब भारत पर 75% टैरिफ करने के लिए के लिए ट्रंप एक और 25% टैरिफ जोड़ने जा रहे हैं? ऐसा नहीं है कि दोनों देशों के बीच संबंध बिगड़ने के लिए कुछ बचा ही नहीं था.'