कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आग लगी (Crude Price Surge) नजर आ रही है. अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ये तेज उछाल के साथ अचानक 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो दुनिया की टेंशन बढ़ाने वाली खबर है. बीते कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में युद्ध रुका है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर जारी है. लेकिन दुनिया में तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम माने जाने वाले Hormuz Strait को लेकर ट्रंप मानने को तैयार नहीं है. रिपोर्ट्स की मानें, तो Donald Trump ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी को बढ़ाने की तैयारी कर ली है और ऐसी खबरों के आते ही कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Price) में तेज उछाल आया है.
ट्रंप ने फिर फोड़ा बम, तेल में आग
अमेरिका-ईरान के बीच जारी शांति वार्ता को लेकर बात अभी तक नहीं बन पाई है. पाकिस्तान में हुई पहली बैठक फेल होने के बाद दूसरी बैठक पर भी संकट बरकरार है. वहीं इस बीच ट्रंप ने एक और बम फोड़ते हुए कच्चे तेल की कीमतों में आग लगाने का काम किया. उन्होंने बुधवार को एक्सियोस के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान पर अमेरिकी नौसेना का ब्लॉकेड तब तक जारी रहेगा, जब तक तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ एक ठोस समझौता नहीं कर लेता. उन्होंने ईरान के तीन चरणों वाले प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें पहले होर्मुज को खोलने और बाद में परमाणु वार्ता की बात कही गई थी.
2022 के बाद सबसे हाई पर Crude
डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज नाकाबंदी को जारी रखने के रुख का सीधा असर क्रूड ऑयल प्राइस पर देखने को मिला है. ग्लोबल बेंचमार्क ऑयल प्राइस Brent Crude का दाम उछलकर 122 डॉलर प्रति बैरल को हिट कर गया, जो कि साल 2022 के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है. बता दें तब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की शुरुआत होने के बाद अचानक कच्चे तेल की कीमतों में तगड़ा उछाल देखने को मिला था.
Iran पर बड़े हमले की भी तैयारी!
जहां ट्रंप ने Hormuz Blockade जारी रखने की बात कही है, तो वहीं रिपोर्ट्स की मानें, तो ईरान के साथ जारी शांति वार्ता में हो रही लगातार देरी के बीच सेंटकॉल (यूएस सेंट्रल कमांड) ने ईरान पर छोटा, लेकिन घातक हमला करने की तैयारी भी कर ली है. सूत्रों के हवाले से ये दावा किया हया है. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अभी इस तरह के प्लान पर कोई मंजूरी नहीं दी गई है, लेकिन ये एक बार फिर ग्लोबल टेंशन बढ़ाने वाली खबर है.
150 डॉलर के पार पहुंचेगा क्रूड?
Crude Oil Price में अचानक आए तेज उछाल के बाद बीते दिनों कई रिपोर्ट्स में एनालिस्ट के अनुमानों को बल मिल रहा है. दरअसल, एक्सपर्ट्स लगातार इस बात को लेकर चिंता जताते नजर आए हैं, कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध (US-Iran War) जल्द नहीं थमता, तो फिर कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल सकती हैं. जो तेल आयात पर निर्भर तमाम देशों के लिए एक बड़ी मुसीबत का सबब बन सकता है और महंगाई का कोहराम देखने को मिल सकता है.