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बिज़नेस न्यूज़

फ्यूचर रिटेल के शेयर में लगा अपर सर्किट, RIL में भी तेजी, जानें- वजह

फ्यूचर रिटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी
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सोमवार को फ्यूचर रिटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. शेयर बाजार खुलते ही फ्यूचर रिटेल के शेयर में 10 फीसदी का अपर सर्किट लग गया. वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई. 

डील पर CCI की मुहर
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दरअसल, 20 नवंबर को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर समूह के सौदे को मंजूरी दे दी. जिसके बाद दोनों कंपनियां अब डील को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं. CCI के फैसले से अमेरिकी दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन को तगड़ा झटका लगा है.

रिलायंस के साथ डील
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बता दें, रिलायंस समूह ने अगस्त में फ्यूचर समूह के खुदरा, थोक, भंडारण और लॉजिस्टिक कारोबार का अधिग्रहण करने के लिए 24,713 करोड़ रुपये का सौदा किया था. एमेजॉन इस सौदे का विरोध कर रही है और सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत ने उसके पक्ष में फैसला भी सुनाया था. 

डील पर मुहर
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लेकिन अब CCI ने फ्यूचर रिटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के हक में फैसला सुनाया है. CCI ने बताया कि फ्यूचर समूह के खुदरा, थोक, भंडारण और लॉजिस्टिक कारोबार के रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड और रिलायंस रिटेल ऐंड फैशन लाइफस्टाइल लिमिटेड द्वारा अधिग्रहण किए जाने के सौदे को मंजूरी दी गई.

फ्यूचर-रिलायंस सौदे के खिलाफ एमेजॉन ने कानूनी लड़ाई लड़ी
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सीसीआई बाजार में अनुचित कारोबारी गतिविधियों पर नजर रखने और प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए नियामक की भूमिका अदा करता है. फ्यूचर-रिलायंस सौदे के खिलाफ एमेजॉन कानूनी लड़ाई लड़ रही है. फ्यूचर समूह और एमेजॉन के बीच का मामला दिल्ली हाई कोर्ट में भी विचाराधीन है. फ्यूचर समूह की एमेजॉन के सौदे में हस्तक्षेप करने पर रोक लगाने की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था और संबंधित पक्षों को इस पर उनकी लिखित प्रतिक्रिया जमा कराने के लिए 23 नवंबर तक का वक्त दिया था.
 

सेबी से भी इस सौदे की शिकायत
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वहीं एमेजॉन ने सेबी से भी इस सौदे की शिकायत की है. सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत ने अपने अंतरिम फैसले में फ्यूचर समूह और मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच 24,713 करोड़ रुपये की डील की समीक्षा करते हुए उस पर रोक लगा दी थी. 

डील पर आगे बढ़ेंगी दोनों कंपनियां
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रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडायरी कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) ने इस साल अगस्त में फ्यूचर ग्रुप के रीटेल एंड होलसेल बिजनेस और लॉजिस्टिक्स एंड वेयरहाउसिंग बिजनेस के अधिग्रहण का ऐलान किया था. इससे रिलायंस फ्यूचर ग्रुप के बिग बाजार, ईजीडे और FBB के 1,800 से अधिक स्टोर्स तक पहुंच बनाएगी, जो देश के 420 शहरों में फैले हुए हैं. यह डील 24713 करोड़ में फाइनल हुई है.
 

कानूनी लड़ाई जारी
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लेकिन अमेरिका की ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और फ्यूचर समूह के बीच की डील पर सवाल खड़े किए. एमेजॉन का आरोप है कि फ्यूचर समूह ने कॉन्‍ट्रैक्‍ट के नियमों को तोड़ा है. इस संबंध में एमेजॉन ने फ्यूचर समूह के प्रमोटर्स को लीगल नोटिस भी भेजा.  

क्या है फ्यूचर और एमेजॉन का रिश्ता 
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क्या है फ्यूचर और एमेजॉन का रिश्ता 
पिछले साल एमेजॉन ने फ्यूचर ग्रुप की एक गैर-सूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर कूपोन्स लि​मिटेड में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी. साथ ही कथित रूप से समूह की सूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड में राइट टू फर्स्ट रीफ्यूजल की भी डील थी.

भारत का बड़ा बाजार
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इस डील का मतलब यह है कि फ्यूचर में पहले हिस्सेदारी खरीदने का अधिकार एमेजॉन को मिलेगा और उसके इनकार करने पर ही फ्यूचर इसे किसी को बेच सकती है. एमेजॉन का दावा है कि फ्यूचर कूपोन्स के साथ हुआ उसका सौदा समूह को फ्यूचर रिटेल में लेनदेन से रोकता है.