वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं. इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में करीब 7% ग्रोथ का संकेत दिया गया है. इस बजट में रोजगार योजनाओं के विस्तार, पूंजीगत निवेश और भविष्य की स्किलिंग पर सरकार के बड़े ऐलान होने की उम्मीद है.
भारतीय डिजाइन उद्योग लगातार तरक्की कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशिक्षित डिजाइनर्स की कमी बनी हुई है. इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार नए नेशनल डिजाइन इंस्टीट्यूट खोलने की तैयारी में है, जिनकी स्थापना पूर्वी क्षेत्र में की जाएगी. सरकार ने यह भी कहा कि राज्यों को पांच नए विश्वविद्यालय खोलने में सहायता दी जाएगी. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में STEM इंस्टीट्यूट स्थापित किए जाएंगे और हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा.
विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी से जुड़े टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा. पर्यटन क्षेत्र में होटल मैनेजमेंट और भारतीय प्रबंधन संस्थानों के सहयोग से नई ट्रेनिंग सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है.
STEM संस्थानों के लिए महिला छात्रावास
विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और कुशल पेशेवरों की वैश्विक मांग को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा, ताकि STEM संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुलभ आवास सुविधा मिल सके. इसका उद्देश्य महिला शिक्षा को प्रोत्साहन देना, उनकी संख्या बढ़ाना और STEM क्षेत्रों में महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करना है.
आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर भी फोकस
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार पूरी तरह से एकीकरण कर रही है और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है. गरीबी उन्मूलन की दिशा में देश दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहा है और गरीबों पर सरकार का फोकस लगातार बना हुआ है. उन्होंने बताया कि एक्सपोर्ट बढ़ाने पर जोर देने की जरूरत है और सरकार तीन कर्तव्यों से प्रेरित होकर पब्लिक निवेश पर फोकस कर रही है.
उनका कहना है कि विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंचा है और सरकार का मंत्र हमेशा सबका साथ–सबका विकास रहा है. आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर भी फोकस किया जा रहा है, साथ ही रोजगार सृजन में बढ़ोतरी हुई है और एआई भारत को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी, गरीब और किसान सरकार की प्राथमिकता में हैं और विकसित भारत विजन को आगे बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर काम करती रहेगी.
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ICAI, ICSI और ICMAI जैसे प्रोफेशनल संस्थानों की मदद से शॉर्ट-टर्म मॉड्यूलर कोर्स और प्रैक्टिकल टूल्स तैयार कराने की सुविधा देगी. इसका उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों में ‘कॉरपोरेट मित्रों’ की एक नई कैडर तैयार करना है. ये प्रशिक्षित और मान्यता प्राप्त पैराप्रोफेशनल्स MSMEs को किफायती लागत पर अनुपालन (compliance) पूरा करने में मदद करेंगे, जिससे छोटे और मध्यम कारोबारों पर बोझ कम होगा और प्रक्रियाएँ आसान होंगी.