केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी और पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में अपना छठा बजट पेश कर रही हैं. चुनावी साल में ये पूर्ण नहीं, बल्कि अंतरिम बजट (Interim Budget 2024) पेश किया जा रहा है. इसके अलावा बता दें कि निर्मला सीतारमण का यह पहला अंतरिम बजट (Interim Budget) भी है. इस बजट में कई बड़े ऐलान किए गए. आइए जानते हैं वित्त मंत्री के बजट भाषण की प्रमुख बातें...
10 साल में बड़ा सकारात्मक बदलाव दिखा
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने संसद में अपने बजट भाषण की शुरुआत बीते 10 साल में मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए की. उन्होंने कहा कि इकोनॉमी में बीते 10 वर्षों में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला. सबका साथ सबका विकास मंत्र के साथ सरकार आगे बढ़ी और हर सेक्टर पर इसका असर दिखा, नई योजनाएं शुरू की गईं और रोजगार के मोर्चे पर बड़े कदम उठाए गए हैं. ग्रामीण विकास के लिए बड़े काम किए, आवास, जल, कुकिंग गैस से लेकर सभी के लिए बैंक अकाउंट खोलने के काम को तेजी से किया. हमने 80 करोड़ लोगों को निशुल्क खाद्यान उपलब्ध कराया है. बीते एक दशक में ग्रामीण स्तर पर आय में काफी सुधार देखने को मिला है.
2047 तक भारत बनेगा विकसित राष्ट्र
निर्मला सीतारमण ने कहा कि आर्थिक सुधारों के साथ जिस तरह से मोदी सरकार में देश आगे बढ़ रहा है, हम 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बना देंगे. हम पारदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी का पूर्ण विश्वास है कि गरीब, महिला, अन्नदाता गरीब किसान उन्नत हो और तरक्की करे यही सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है. इन्हें सशक्त करने पर हम विश्वास रखते हैं और इसी दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि गरीब का कल्याण, देश का कल्याण. बीते 10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं.
Tax स्लैब में कोई बदलाव नहीं
हर बजट के दौरान आयकर में छूट को लेकर उम्मीद जाहिर की जाती है, इस बार भी लोग आस लगाए बैठे थे, लेकिन सरकार ने अंतरिम बजट में इसमें किसी भी तरह के बदलाव से इनकार कर दिया है. यानी टैक्सपेयर्स को कोई राहत नहीं दी गई है, इस बार आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं करने की बात कहने के साथ निर्मला सीतारमण ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स को घटाकर 22 फीसदी किया गया. इसके साथ ही सॉवरेन फंड्स के लिए टैक्स छूट बढ़ाई गई है. मार्च 2025 तक सॉवरेन फंड्स पर टैक्स छूट बढ़ी है. इसके साथ ही स्टार्टअप्स के लिए टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया गया है.
इसके अलावा उन्होंने बताया कि आयकर भरने का प्रक्रिया आसान किया गया है. अब औसत 10 दिन में आईटीआर रिफंड (ITR Redund) किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जीएसटी कलेक्शन औसतन हर माह 1.66 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है.
बजट भाषण में गिनाईं ये उपलब्धियां
बजट में ये बड़े ऐलान