ने बजट में मनरेगा का बजट 5700 करोड़ रुपये बढ़ाकर लोगों को हैरत में डाल दिया है. गौरतलब है कि बजट से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनरेगा को लेकर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए कांग्रेस पर मनरेगा को लेकर जमकर निशाना साधा था. प्रधानमंत्री ने कहा था कि एनडीए सरकार मनरेगा जैसी योजना को बंद नहीं करेगी. बल्कि ढोल बाजे के साथ उसका प्रचार करेगी, क्योंकि मनरेगा यूपीए की विफलताओं का स्मारक है.
ग्रामीण लोगों को रोजगार देने के मकसद से शुरू की गई मनरेगा योजना यूपीए की फ्लैगशिप योजनाओं में शुमार थी. हालांकि एनडीए सरकार आने के बाद मनरेगा पर के रुझान सकारात्मक नहीं दिखे. इसके बाद लोकसभा में प्रधानमंत्री के भाषण के बाद लगने लगा कि एनडीए सरकार शायद ही मनरेगा को गंभीरता से आगे बढ़ाए.
हालांकि चौंकाते हुए वित्तमंत्री ने में मनरेगा के लिए बजट बढ़ा दिया है. 2005 में यूपीए की इस योजना के शुरू होने के बाद वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अब तक सबसे ज्यादा पैसा दिया है.
मोदी ने कहा था, 'मेरी राजनीतिक समझ मुझे बताती है कि मनरेगा को बंद न किया जाए, क्योंकि यह तो यूपीए की विफलताओं का जीता-जागता स्मारक है. इतने सालों के राज के बाद आप गरीब आदमी के लिए बस इतना कर पाए कि वह महीने में कुछ दिन गड्ढे खोदे.'
वित्तमंत्री ने में मनरेगा के लिए पैसा बढ़ाने के साथ इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया. उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार मनरेगा के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर प्रतिबद्ध है. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई बेरोजगार न रहे.'