मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी की पहली कैबिनेट बैठक बुधवार को हुई. इसमें कुल 22 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. यह बैठक करीब एक घंटे तक चली और कई अहम फैसले लिए गए, जिनका असर राज्य के शहरी विकास और कानून-व्यवस्था पर देखने को मिलेगा. कैबिनेट की बैठक में टाउनशिप विकास को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है. सरकार ने टाउनशिप वाले क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, भूमि विकास और भवन निर्माण से जुड़े सभी कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का फैसला किया. यह कदम मास्टर प्लान के तहत सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया.
सरकार ने पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में चिन्हित टाउनशिप के विशेष और कोर क्षेत्रों के लिए 31 मार्च 2027 तक मास्टर प्लान अधिसूचित करने का लक्ष्य तय किया है. इस अवधि तक इन क्षेत्रों में जमीन से जुड़े सभी कार्यों पर रोक लागू रहेगी. इसके अलावा मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के सीतापुरम क्षेत्र में भी टाउनशिप विकास के लिए अलग से फैसला लिया गया है. इन क्षेत्रों में मास्टर प्लान अधिसूचित करने के लिए 30 जून 2027 तक जमीन खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और निर्माण कार्यों पर रोक लगाने का निर्णय किया गया है.
सम्राट कैबिनेट की पहली बैठक में 22 एजेंडों पर लगी मुहर
कैबिनेट ने सभी 11 टाउनशिप के नामों और उनके विशेष के अलावा कोर क्षेत्रों को भी मंजूरी दे दी है. सरकार का मानना है कि इन टाउनशिप के विकास से राज्य में सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा और मास्टर प्लान आधारित विकास सुनिश्चित होगा. इससे नए आर्थिक गतिविधि केंद्र विकसित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिलेंगी.
सरकार का यह भी मानना है कि इन सैटेलाइट टाउनशिप के विकसित होने से मौजूदा शहरों पर दबाव कम होगा और शहरी विस्तार व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा. साथ ही निजी और संस्थागत निवेश में भी बढ़ोतरी होगी. कैबिनेट बैठक में कानून-व्यवस्था और खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. महिला पुलिस कर्मियों के लिए 1500 स्कूटी खरीदने को मंजूरी दी गई है. इन स्कूटियों का इस्तेमाल शहरी क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास गश्त के लिए किया जाएगा, जिससे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
11 टाउनशिप के लिए मास्टर प्लान तय, शहरों के लिए डेडलाइन घोषित
इस योजना के तहत प्रति स्कूटी 1.25 लाख रुपये की दर से कुल 18 करोड़ 75 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके साथ ही पुरुष पुलिस कर्मियों के लिए 3200 बाइक खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. हर बाइक की कीमत 1.50 लाख रुपये तय की गई है, जिस पर कुल 48 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस तरह महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों के लिए स्कूटी और बाइक खरीद पर कुल 66 करोड़ 75 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से न सिर्फ शहरी विकास को दिशा मिलेगी, बल्कि कानून-व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा