पटना के कदमकुआं थाना में ज्ञान बिंदु संस्थान के निदेशक रौशन आनंद ने फैजल खान (खान सर) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है. रौशन आनंद का आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की है. इसे लेकर उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 5 घंटे हो गए और अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई. रौशन आनंद ने कहा कि 'मुझे मार दो या खान सर के खिलाफ FIR दर्ज करो.' जब तक FIR नहीं होगी मैं यहीं रहूंगा.
रौशन आनंद ने कहा कि जब तक उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तब तक वह थाना परिसर के बाहर धरना जारी रखेंगे. इस दौरान उनके समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र भी कदमकुआं थाना पहुंचे और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों ने पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की.
रौशन आनंद की जान को खतरा बताया
इधर, रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है. परिजनों का कहना है कि अब उन्हें रौशन आनंद की सुरक्षा को लेकर डर सता रहा है. रौशन आनंद के चाचा मनोज यादव ने सरकार से उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है.
मनोज यादव ने कहा कि प्रिंस यादव की मौत के बाद परिवार में रौशन आनंद ही एकमात्र सहारा बचे हैं. उन्होंने आशंका जताई कि विरोधी तत्व उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं. ऐसे में सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार पहले भी सुरक्षा की मांग कर चुका था, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई. मनोज यादव के अनुसार, जेल से जमानत मिलने के बाद पटना से सहरसा तक के सफर में उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली, जिससे परिवार लगातार भय के माहौल में रहा.
प्रिंस यादव की मौत की सीबीआई जांच की मांग
परिजनों ने प्रिंस यादव की मौत की सीबीआई जांच कराने की भी मांग दोहराई है. उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. परिवार ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी और न्याय मिलेगा. फिलहाल रौशन आनंद की शिकायत, एफआईआर की मांग और सुरक्षा को लेकर उठी चिंताओं ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है.