पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में जेल से बाहर आते ही ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद ने सनसनीखेज दावे किए हैं. जमानत पर रिहा होकर अपने भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में सहरसा पहुंचे रौशन आनंद ने सीधा आरोप लगाया कि जेल के भीतर खान सर (फैजल खान) के गार्ड्स उनकी हत्या की साजिश रच रहे थे. उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की मुस्तैदी के कारण उनकी जान बची. रौशन आनंद ने अब 'डबल इंजन सरकार' से न्याय की गुहार लगाते हुए खान सर का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है.
कोचिंग वॉर के बीच नेपाल में हुई रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत ने इस मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है. रौशन आनंद और उनके वकीलों का दावा है कि फैजल खान (खान सर) और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद ने मिलकर साजिश के तहत प्रिंस की हत्या करवाई है.
वकीलों के मुताबिक, वे जल्द ही खान सर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराएंगे. परिवार ने सरकार से मांग की है कि सच सामने लाने के लिए प्रिंस की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए.
अपने ऊपर लग रहे गंभीर आरोपों के बीच खान सर (फैजल खान) ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस पूरी घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है.
खान सर का पलटवार और संवेदना
रौशन आनंद के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए खान सर ने कहा कि ऐसी त्रासदी उनके सबसे बड़े विरोधी के साथ भी नहीं होनी चाहिए. हालांकि, खान सर ने इस मामले में जांच एजेंसियों से एक खास अपील भी की है. उन्होंने कहा कि घटना के वक्त प्रिंस यादव के साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे और उनके संपर्क किससे थे, इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके.
क्या है पूरा मामला?
इस पूरे विवाद की जड़ें बीती 2 जून की रात से जुड़ी हैं, जब खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) परिसर में अचानक मारपीट और फायरिंग की घटना हुई थी.
खान सर की शिकायत पर पुलिस ने ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद को इस हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. लेकिन कहानी में यू-टर्न तब आया जब रौशन आनंद के जेल में रहने के दौरान उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई.
अब जेल से बाहर आकर रौशन आनंद ने इस पूरे मामले को भाई की हत्या की सोची-समझी साजिश करार दे दिया है, जिससे पटना का सियासी और कोचिंग का माहौल गरमा गया है.