बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना के तीन मामलों में जमानत मिलने के बाद बेउर जेल से रिहा कर दिया गया है. रिहाई के बाद इसे न्याय की जीत बताते हुए विरोधियों पर जमकर भड़के और अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगाया.
'मेरे खिलाफ जानलेवा साजिश'
जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें पहले से ही कुछ अधिकारियों की कार्रवाई का अंदाजा था. उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया था. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी उन्हें एक मामले में अपमानित करने की कोशिश की गई थी.
रिपोर्ट के मुताबिक पप्पू यादव ने कहा कि वह किसी इंस्पेक्टर या थाने को दोष नहीं दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से एक बड़ी साजिश थी और उन्हें चुप कराने की कोशिश की गई थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ जानलेवा साजिश तक रची गई थी.
आखिरकार न्याय की जीत हुई: पप्पू यादव
सांसद ने कहा कि हाल की घटनाओं को लेकर भी कई सवाल हैं और कुछ कार्रवाई गलत तरीके से की गई थी. उन्होंने अदालत का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और आखिरकार न्याय की जीत हुई है.
गौरतलब है कि पटना के तीन पुराने मामलों में उन्हें जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी. उनके समर्थकों ने उनकी रिहाई पर खुशी जाहिर की है. वहीं राजनीतिक गलियारों में उनके बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. फिलहाल पप्पू यादव ने कहा है कि वह आगे कानूनी और राजनीतिक स्तर पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.