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'प्रशासन की कमजोरी से मरे', नालंदा के शीतला मंदिर में भगदड़ पर प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप

शीतला मंदिर में अनुमान से अधिक श्रद्धालु पहुंच गए और मौके पर पुलिस फोर्स मौजूद नहीं थी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले दर्शन करने के लिए लोग एक-दूसरे पर सवार होने लगे.

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श्रद्धालुओं ने पंडा समिति को भी कठघरे में किया खड़ा (Photo: ITG)
श्रद्धालुओं ने पंडा समिति को भी कठघरे में किया खड़ा (Photo: ITG)

बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार को शीतला मंदिर में भगदड़ मच गई. इस घटना में माता शीतला का दर्शन-पूजन करने पहुंचे आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई. वहीं, कई श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं. कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि घायलों के उपचार की समूचित व्यवस्था कराई गई है.

वहीं, इस घटना के लिए प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद रहे श्रद्धालुओं ने पुलिस-प्रशासन, पंडा समिति पर आरोप लगाया है. शीतला मंदिर में पूजा करने पहुंची एक महिला श्रद्धालु ममता देवी ने कहा कि दर्शन करने के लिए आई थी, लेकिन दर्शन नहीं हुआ. हुआ कि भगदड़ हो गया, आदमी मर गया. महिला श्रद्धालु ने रोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन की कमजोरी से न मरा आदमी.

उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि भीड़ इतनी हो गई. हम पहले दर्शन करेंगे तो हम पहले, लोग एक-दूसरे पर सवार हो गए. कोई प्रशासन नहीं था. कुछ युवा श्रद्धालुओं ने घटना के लिए सीधे-सीधे मंदिर की पंडा समिति को जिम्मेदार ठहराया. एक अन्य महिला श्रद्धालु ने भगदड़ के कारणों पर बोलते हुए कहा कि लाइन है, लेकिन कोई भी व्यक्ति लाइन में नहीं लगना चाहता. हर कोई जल्दी दर्शन करना चाहता है.

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रीना राय नाम की महिला श्रद्धालु ने कहा कि चैत्र महीने में हर मंगलवार को यहां मेला लगता है. यह मंगलवार चैत्र महीने का अंतिम मंगल था. इस भगदड़ में यहां ज्यादा प्रशासन की कमजोरी है. पटना के मीठापुर से पहुंचीं श्रदालु गीता देवी ने कहा कि हम घुस ही नहीं पाए, लाठीचार्ज करने लगे. उन्होंने कहा कि प्रशासन आ गया है, तो किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है. वहां आदमी मर गए हैं. अभी मंदिर बंद है.

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एक स्थानीय निवासी ललित कुमार ने कहा कि महावीर जयंती है और ऊपर से मंगलवार भी है. अनुमान से अधिक भीड़ हो गई, जिससे भगदड़ मच गई. उन्होंने कहा कि भगदड़ बांस टूटने की वजह से हुई. पुलिस-प्रशासन मौके पर मौजूद नहीं था. ललित ने कहा कि अभी पूजा बंद कर दिया है. गौरतलब है कि दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा गांव के शीतला मंदिर में मची भगदड़ के बाद पुलिस मौके पर पहुंची.

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पुलिस ने भीड़ को काबू कर दबे लोगों को रेस्क्यू किया और उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने आठ को मृत घोषित कर दिया. वहीं, करीब आधा दर्जन श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं. घायलों का उपचार चल रहा है. प्रदेश सरकार ने घायलों को समूचित उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं.

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