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'मैं सनातनी हिंदू हूं... ' भाई प्रिंस यादव की मौत पर रौशन आनंद ने फैजल खान को ललकारा

ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में भारी भीड़ उमड़ी, जहां माहौल गम और गुस्से दोनों से भरा नजर आया. इस दौरान बड़े भाई रौशन आनंद ने फैजल खान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह सच्चाई सामने लाकर रहेंगे. रौशन ने खुद को सनातनी हिंदू बताते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे. 

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रौशन आनंद ने खान सर को जमकर ललकारा (Photo ITG)
रौशन आनंद ने खान सर को जमकर ललकारा (Photo ITG)

बिहार की चर्चित कोचिंग इंडस्ट्री में शुरू हुआ विवाद अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां राजनीति, पुलिस जांच और रहस्यमयी मौत एक-दूसरे से उलझती नजर आ रही हैं. ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अंतिम संस्कार में काफी भीड़ उमड़ी.  सोमवार को बेउर जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने अपने भाई के अंतिम संस्कार से पहले मीडिया के सामने सीधे तौर पर खान सर के नाम से मशहूर फैजल खान पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों ने मिलकर मेरे भाई को मार दिया. 

फैजल खान पढ़ाते कम, षड्यंत्र ज्यादा रचते हैं

मीडिया से बातचीत में रौशन आनंद ने बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि फैजल खान सुबह से शाम तक सिर्फ षड्यंत्र रचते हैं और उन्होंने पटना पुलिस को भी गुमराह कर रखा है. रौशन आनंद ने कहा, फैजल खान पढ़ाते नहीं हैं, सिर्फ षड्यंत्र रचते हैं. पटना पुलिस उनका सहयोग कर रही है, मेरा नहीं. मेरे भाई की मौत को सामान्य घटना बताने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगा. उन्होंने कहा कि वह कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखते हैं और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे.

मैं सनातनी हिंदू हूं, न्याय पर भरोसा है

रौशन आनंद ने खुद को सनातनी हिंदू बताते हुए कहा कि वह किसी तरह का टकराव नहीं चाहते, बल्कि न्याय चाहते हैं. उन्होंने कहा, मैं सनातनी हिंदू हूं. मैं पटना पुलिस का पूरा सहयोग करूंगा. मुझे न्याय व्यवस्था पर भरोसा है. मैं चाहता हूं कि मेरे भाई की मौत की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आए.

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 नेपाल के होटल में मिली थी प्रिंस यादव की लाश

पूरे विवाद की जड़ में प्रिंस यादव की मौत है. प्रिंस यादव नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे. मौत कैसे हुई, इसके बारे में अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है. नेपाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. होटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है. हालांकि अभी तक जांच एजेंसियों ने किसी भी व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है. लेकिन जिस तरह प्रिंस यादव का नाम कुछ दिन पहले पटना में हुए कोचिंग विवाद में सामने आया था, उसके बाद उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे मामले को रहस्य और संदेह से भर दिया है.

पटना के दो कोचिंग संस्थानों का विवाद कैसे बना बड़ा मुद्दा

दरअसल कुछ दिन पहले पटना में दो बड़े कोचिंग संस्थानों के बीच तनाव खुलकर सामने आया था. आरोप है कि इस विवाद के दौरान मारपीट, तोड़फोड़ और गोलीबारी जैसी घटनाएं हुई थीं. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे. पुलिस ने मामला दर्ज किया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया. इसी मामले में रौशन आनंद भी जेल गए थे, जहां से उन्हें कल ही जमानत मिली है. जांच के दौरान प्रिंस यादव का नाम भी चर्चा में आया था. ऐसे में नेपाल में उनकी संदिग्ध मौत ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक संवेदनशील बना दिया.

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जेल से बाहर आते ही सीधे खान सर पर आरोप

जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद ने किसी भी तरह की राजनीतिक भाषा से बचने की कोशिश नहीं की. उन्होंने सीधे तौर पर खान सर पर सवाल उठाए और कहा कि उनके भाई की मौत की कड़ियां कई घटनाओं से जुड़ी हो सकती हैं. हालांकि उन्होंने कोई प्रत्यक्ष सबूत सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन लगातार यह दावा करते रहे कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं. 

 तेजस्वी यादव ने उठाई CBI जांच की मांग

मामले में नया राजनीतिक मोड़ तब आया जब बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूरे प्रकरण की CBI जांच की मांग कर दी. तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर कहा कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए. अपने पत्र में उन्होंने कहा कि पहले दो कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद हुआ, फिर हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं और अब एक युवक की संदिग्ध मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. तेजस्वी यादव का कहना है कि राज्य सरकार और पुलिस की निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है.

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सरकार और पुलिस पर भी उठे सवाल

तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में बिहार पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जांच की दिशा और कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो उसे तत्काल मामले को CBI को सौंप देना चाहिए ताकि हर पहलू की निष्पक्ष जांच हो सके.

 खान सर ने सभी आरोपों को बताया बेबुनियाद

दूसरी ओर खान सर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि प्रिंस यादव की मौत दुखद है, लेकिन उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है. खान सर का कहना है कि वह खुद चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच हो. उन्होंने जांच एजेंसियों से अपील की है कि वे तथ्यों और सबूतों के आधार पर सच्चाई सामने लाएं. उन्होंने यह भी कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि घटना से पहले प्रिंस यादव किन लोगों के संपर्क में थे, होटल में क्या हुआ था और मौत से पहले की परिस्थितियां क्या थीं.

जांच में अब तक क्या सामने आया?

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि किसी भी जांच एजेंसी ने अभी तक सार्वजनिक रूप से खान सर या किसी अन्य व्यक्ति को प्रिंस यादव की मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है. नेपाल पुलिस की जांच जारी है और मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह मौत दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी. जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक लगाए जा रहे सभी आरोप महज आरोप ही माने जाएंगे.

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कई सवाल जिनके जवाब अभी बाकी

पूरा मामला अब कुछ अहम सवालों के इर्द-गिर्द घूम रहा है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रिंस यादव की मौत आखिर कैसे हुई? घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे? नेपाल के होटल से क्या-क्या साक्ष्य मिले हैं? क्या मौत के पीछे कोई आपराधिक साजिश है या यह सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह कि क्या जांच एजेंसियों को ऐसा कोई सबूत मिलेगा जो किसी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि कर सके?

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