बिहार के वैशाली जिले से शुरू हुआ एक पारिवारिक विवाद अब सोशल मीडिया की सुर्खियों में छा चुका है. BPSC शिक्षिका गुंजन कुमारी और उनके पति अमन के बीच चल रहा विवाद सिर्फ पति-पत्नी के रिश्ते तक सीमित नहीं रह गया है. इसमें जमीन बेचकर पढ़ाने का दावा है, नौकरी लगने के बाद रिश्ते बदलने के आरोप हैं, प्रेम प्रसंग की चर्चा के साथ हाई-वोल्टेज ड्रामा है, पुलिस की एंट्री है और 10 साल के बच्चे का बयान भी है. सोशल मीडिया पर कई लोग इसे 'बिहार की ज्योति मौर्य केस' कह रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ शिक्षिका गुंजन इस तुलना को पूरी तरह खारिज कर रही हैं.
आखिर क्या है पूरा मामला
वैशाली जिले के बिदुपुर निवासी अमन पेशे से फोटोग्राफर हैं. उनकी शादी साल 2013 में लोदीपुर गांव की रहने वाली गुंजन कुमारी से हुई थी. दोनों का एक बेटा भी है. अमन का दावा है कि शादी के समय गुंजन केवल इंटरमीडिएट तक पढ़ी थीं और शिक्षक बनने का सपना देखती थीं. उन्होंने पत्नी का सपना पूरा करने के लिए आर्थिक संघर्ष किया. अमन का आरोप है कि उन्होंने अपनी पैतृक जमीन तक बेच दी ताकि गुंजन आगे की पढ़ाई कर सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें. कई वर्षों की मेहनत के बाद गुंजन ने BPSC TRE-2 परीक्षा पास की और सरकारी स्कूल में शिक्षिका बन गईं. यहीं से कहानी में नया मोड़ आने का दावा किया जा रहा है.
जमीन बेचकर पढ़ाने के दावे पर गुंजन का जवाब
अमन का कहना है कि उन्होंने पत्नी को पढ़ाने और आगे बढ़ाने के लिए जमीन बेची. दूसरी तरफ गुंजन इस दावे को भ्रामक बताती हैं. मीडिया से बातचीत में गुंजन ने कहा कि जिस जमीन की बात की जा रही है, वह उन्हें पढ़ाने के लिए नहीं बेची गई थी. उनके अनुसार, जमीन तब बेची गई जब अमन का पैर टूट गया था और इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी. गुंजन का कहना है कि अगर किसी ने जमीन बेची भी, तो उसका सीधा संबंध उनकी पढ़ाई से जोड़ना सही नहीं है. उनका सवाल है कि क्या सिर्फ जमीन बेच देने से किसी को शिक्षक बना दिया जाता है? उन्होंने दावा किया कि नौकरी तक पहुंचने के लिए उन्होंने खुद भी वर्षों मेहनत की है.
नौकरी लगने के बाद क्या बदल गया ?
अमन का आरोप है कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद गुंजन का व्यवहार बदल गया. उनके मुताबिक, प्रशिक्षण के दौरान गुंजन की मुलाकात एक पुराने कॉलेज मित्र प्रेम प्रकाश से हुई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं. अमन का दावा है कि बाद में गुंजन परिवार से दूर रहने लगीं और उनका अधिकांश समय कथित रूप से उसी व्यक्ति के साथ बीतने लगा. हालांकि गुंजन इन आरोपों को सिरे से खारिज करती हैं. उनका कहना है कि अब तक किसी ने भी उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया है. अगर आरोप सही हैं तो प्रमाण सामने लाए जाएं.
आपत्तिजनक स्थिति का दावा और गुंजन का पलटवार
अमन का आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी को एक व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा था. दूसरी तरफ गुंजन का कहना है कि यह सिर्फ आरोप है. उनका सवाल है कि अगर ऐसा कुछ हुआ था तो उसका प्रमाण कहां है? उन्होंने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर किसी महिला की सामाजिक छवि खराब नहीं की जा सकती. गुंजन का कहना है कि सोशल मीडिया पर उन्हें खलनायिका की तरह पेश किया जा रहा है, जबकि मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है.
तलाक की अर्जी आखिर क्यों दी गई?
अगर सब कुछ ठीक था तो तलाक की नौबत क्यों आई पर गुंजन कहती हैं कि उन्होंने कोई अचानक फैसला नहीं लिया. तलाक की प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो चुकी थी और इसके पीछे कई कारण थे, जिनकी जानकारी अदालत को दी जा चुकी है. वह कहती हैं कि अगर मामला इतना ही गंभीर था तो उनके पति ने सोशल मीडिया पर आने से पहले अदालत में सारे तथ्य क्यों नहीं रखे? उनका आरोप है कि जब कानूनी लड़ाई कमजोर पड़ने लगी तो सोशल मीडिया का सहारा लिया गया.
बच्चे का बयान और नई बहस
इस केस में दोनों के बेटे का वीडियो भी सामने आया. बच्चे ने दावा किया कि प्रेम प्रकाश नाम का व्यक्ति घर आता था. उसने यह भी कहा कि मां उसे नीचे भेज देती थीं और खुद ऊपर चली जाती थीं. हालांकि गुंजन का कहना है कि बच्चा पिछले एक साल से उनके पास नहीं है. उनका आरोप है कि बच्चे को उनके खिलाफ बोलने के लिए प्रभावित किया जा रहा है. उन्होंने यहां तक कहा कि अगर बच्चा कुछ दिन उनके साथ रहे तो तस्वीर अलग हो सकती है.
क्या यह सचमुच बिहार का नया ज्योति मौर्य केस
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग इस मामले की तुलना उत्तर प्रदेश की चर्चित SDM ज्योति मौर्य प्रकरण से कर रहे हैं. लेकिन गुंजन इस तुलना को गलत मानती हैं. उनका कहना है कि हर वैवाहिक विवाद की अपनी अलग परिस्थितियां होती हैं. किसी महिला को बिना पूरे तथ्य जाने किसी पुराने विवाद से जोड़ देना उचित नहीं है.
बीच सड़क हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
बताया जा रहा है कि पति-पत्नी और कथित प्रेमी के बीच विवाद का वीडियो वायरल हो गया. वीडियो में पुलिस भी दिखाई देती है. बहस के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा शिक्षिका को डांटते हुए बुखार छुड़ा देंगे जैसी टिप्पणी भी कैमरे में कैद हुई. यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कई लोगों ने पुलिसकर्मी के व्यवहार पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस सख्त भाषा का इस्तेमाल कर रही थी.
(हाजीपुर से विकास कुमार की रिपोर्ट)