बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट सरकार ने राज्यकर्मियों में बेहतर वर्क कल्चर लाने के लिए एक महत्वपूर्ण और सख्त फैसला लिया है. सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) ने करीब 10 लाख सरकारी कर्मचारियों को साफ अल्टीमेटम दे दिया है कि अब दफ्तर में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साथ ही सरकार ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों को पूरे दिन में सिर्फ आधे घंटे का लंच ब्रेक दिया जाएगा.
नए नियमों के अनुसार, सरकारी विभागों में काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने लेटलतीफी को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. नए नियमों के तहत यदि कोई भी कर्मचारी कार्यालय आने में देरी करते हैं तो ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी सैलरी में कटौती की जाएगी.
सरकार के इस नए आदेश के मुताबिक, अब सभी कर्मियों को रोजाना अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक सिस्टम से अपनी अटेंडेंस बनानी होगी और ऐसा न करने या दफ्तर में लेटलतीफी करने पर सीधे सैलरी काटने की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को अब दफ्तर के काम के बीच केवल आधे घंटे का लंच ऑवर (ब्रेक) दिया जाएगा. सरकार ने इसके लिए दोपहर 1:30 बजे से लेकर 2:00 बजे तक का समय निश्चित किया है, जिसके बाद कर्मचारियों को बाकी बचे तय वक्त में अनिवार्य रूप से ऑफिस का काम निपटाना होगा.
प्रशासनिक दक्षता सुधारने के लिए सरकार ने मौसम के अनुसार साल को दो हिस्सों में बांटकर ड्यूटी ऑवर भी तय कर दिए हैं, जिसके तहत मार्च से अक्टूबर महीने तक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक और नवंबर से फरवरी महीने तक सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक ड्यूटी की समय सीमा निर्धारित की गई है.