Second Hand Car Scam: अगर आप भी ऑनलाइन प्री-ओन्ड वेबसाइट, मोबाइल ऐप, फेसबुक या किसी वेबसाइट पर सस्ती सेकेंड हैंड कार देख रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है. क्योंकि यहां कहानी सिर्फ एक कार की नहीं, भरोसे की है. और जब भरोसा टूटता है, तो जेब के साथ दिमाग भी हिल जाता है. ठीक वैसा ही हुआ दिल्ली के एक शख्स के साथ, जिसे ऑनलाइन कार खरीदने के चक्कर में 2 लाख रुपये का चूना लग गया. मामला इतना सीधा भी नहीं था, क्योंकि ठग ने खुद को भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का आदमी बताया और फिर खेल कर गया पूरा. आइये विस्तार से जानें पूरा मामला-
देश में डिजिटल ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अब ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. कभी डिजिटल अरेस्ट तो कभी ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई लूटी जा रही है. इसी बीच सेकेंड हैंड कार खरीदने वालों को निशाना बनाने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति से 2 लाख रुपये ठग लिए गए. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 32 वर्षीय अमन सेठी के रूप में हुई है, जिसे साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने जांच के बाद गिरफ्तार किया. आरोपी ने खुद को एक ऑनलाइन कार सेल प्लेटफॉर्म से जुड़ा हुआ बताकर पीड़ित से संपर्क किया. उसने कार की फोटो और डिटेल्स भेजकर भरोसा जीता और बुकिंग व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 2 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए. पैसे मिलने के बाद आरोपी ने न तो कार दी और न ही रकम वापस की, बल्कि धीरे-धीरे संपर्क करना भी बंद कर दिया.
पीड़ित की शिकायत पर 16 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस टीम ने जांच शुरू की. जांच के दौरान पैसे के लेनदेन को ट्रेस करते हुए पुलिस एक बैंक खाते तक पहुंची, जो भारतीय स्टेट बैंक में था. केवाईसी दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल सबूतों की जांच के बाद आरोपी की पहचान हुई.
पुलिस के अनुसार, आरोपी उन लोगों को निशाना बनाता था जो ऑनलाइन सेकेंड हैंड कार खोज रहे होते थे. वह खुद को किसी भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का कर्मचारी बताता, फर्जी जानकारी देकर विश्वास जीतता और फिर एडवांस पेमेंट अपने निजी बैंक खाते में मंगवाता. पैसे मिलने के बाद वह बहाने बनाता और आखिर में गायब हो जाता.
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी अपना ठिकाना छोड़कर फरार हो गया था. हालांकि लगातार निगरानी और खास इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर उसे पकड़ लिया. पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सबूतों के आधार पर उसकी संलिप्तता साबित हो गई.
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी इसी तरह के एक और ठगी के मामले में शामिल रहा है, जो शहर के दूसरे पुलिस स्टेशन में दर्ज है. इससे साफ है कि वह लंबे समय से इसी तरीके से लोगों को ठग रहा था. पुलिस ने आरोपी के पास से दो डेबिट कार्ड, दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इस अपराध में किया गया था. फिलहाल पुलिस पूरे पैसे के ट्रेल का पता लगाने, आरोपी के साथियों की पहचान करने और ठगी गई रकम को वापस दिलाने की कोशिश कर रही है.
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राजीव कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन खरीदारी करते समय सतर्क रहें. किसी भी अनजान व्यक्ति या सेलर पर आंख बंद करके भरोसा न करें. पैसे ट्रांसफर करने से पहले सेलर की पूरी जांच करें और कभी भी निजी बैंक खाते में बिना पुष्टि के पैसे न भेजें. अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें.