scorecardresearch
 

Explainer: धुएं की जगह साइलेंसर से पानी क्यों छोड़ती है Toyota Mirai, समझिए यहां

How FCEV Works in Totoya Mirai: टोयोटा ने हाल में देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली कार Toyota Mirai लॉन्च की है. इस गाड़ी के साइलेंसर से धुंऐ की जगह पानी निकलता है. आखिर ये टेक्नोलॉजी काम कैसे करती है...

X
धुएं की जगह साइलेंसर से पानी क्यों छोड़ती है Toyota Mirai धुएं की जगह साइलेंसर से पानी क्यों छोड़ती है Toyota Mirai
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हाइड्रोजन-ऑक्सीजन के बीच केमिकल रिएक्शन
  • सिंगल चार्ज में जाती है 650 किमी तक ये कार
  • 3 से 5 मिनट में हो जाती है कार की री-फ्यूलिंग

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स (Toyota) ने इंडियन मार्केट में हाल में अपनी Toyota Mirai कार लॉन्च की है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने खुद इसे लॉन्च किया. हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर चलने वाली ये देश की पहली कार है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाड़ी के साइलेंसर से धुंऐ की जगह पानी बाहर आता है. क्या आपको पता है ये टेक्नोलॉजी काम कैसे करती है? जानिए यहां...

पहले जानें Mirai है क्या
टोयोटा जापान की प्रमुख कार कंपनी है. जापानी भाषा में ‘मिराई’ शब्द का अर्थ ‘भविष्य’ होता है. Toyota Mirai को कंपनी भविष्य की कार के तौरपर देखती है. इस कार के लिए कंपनी ने हाइड्रोजन बेस्ड फ्यूल सेल सिस्टम डेवलप किया है. ये एक इलेक्ट्रिक गाड़ी है जो कार चलाने के लिए जरूरी इलेक्ट्रिसिटी को बनाने के लिए हाइड्रोजन का इस्तेमाल करती है. अगर आपको लग रहा है कि इस कार को चलाना कोई अजीब काम है तो बिलकुल नहीं, ये सामान्य कार की तरह चलती है और देखने में भी ये एक मिड-साइज सेडान ही है.

दिखने में शानदार है टोयोटा मिराई (Photo : Toyota)
दिखने में शानदार है टोयोटा मिराई (Photo : Toyota)

धुंए की जगह साइलेंसर से ऐसे निकलता है पानी
Toyota Mirai में लगा Fuel Cell System कंपनी के मौजूदा पेट्रोल-इलेक्ट्रिक हाइब्रिड सिस्टम का ही एडवांस रूप है. ये वायुमंडल में मौजूद ऑक्सीजन की कार में भरे हाइड्रोजन फ्यूल के बीच होने वाली केमिकल रिएक्शन से काम करता है. 

5 मिनट में री-फ्यूल हो जाती है Toyota Mirai (Photo : Toyota)
5 मिनट में री-फ्यूल हो जाती है Toyota Mirai (Photo : Toyota)

कार जब सड़क पर दौड़ रही होती है तो वायुमंडल में मौजूद ऑक्सीजन का इस्तेमाल गाड़ी में लगा फ्यूल सेल सिस्टम करता है. वहीं फ्यूल टैंक से हाइड्रोजन की सप्लाई Fuel Cell Stack को की जाती है. केमिकल रिएक्शन से इन दोनों गैस के मिलने से पानी (H2O)  और इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट होती है. इस इलेक्ट्रिसिटी को कार की मोटर को सप्लाई किया जाता है. इसमें लगी पॉवर कंट्रोल यूनिट जरूरत के हिसाब से इलेक्ट्रिसिटी को इस्तेमाल करती है, बाकी बिजली को कार में लगी बैटरी में स्टोर किया जाता है. इलेक्ट्रिक मोटर से गाड़ी चलती है. जबकि बैटरी में स्टोर इलेक्ट्रिसिटी भी कार को चलाने में काम आती रहती है. ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के केमिकल रिएक्शन से जो पानी बनता है वो कार के साइलेंसर से बाहर निकल जाता है.

ऐसे काम करता है Fuel Cell System
ऐसे काम करता है Fuel Cell System (Photo : Toyota)

सिंगल चार्ज में जाती है 650 किमी
टोयोटा मिराई (Toyota Mirai) सिंगल चार्ज में उतनी ही दूर जाती है जितनी फुल टैंक पेट्रोल भरवाने के बाद एक सेडान कार, इस कार के बारे में कंपनी का दावा है कि ये सिंगल चार्ज में 650 किमी तक जा सकती है. वहीं इसमें फिर से ईंधन भरने में भी सिर्फ 5 मिनट का वक्त लगता है. इसमें हाइड्रोजन को ठीक वैसे ही भरवाया जा सकता है, जैसे पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल को भरवाया जाता है.

ये भी पढ़ें:  

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें