अमेरिका में बच्चों का पासपोर्ट बनवाने के लिए मां-बाप को देना होगा नागरिकता का सबूत

बच्चों के पासपोर्ट बनवाने के लिए अमेरिका में नए नियम प्रस्तावित किए गए हैं. इनमें माता-पिता को अपनी नागरिकता या कानूनी स्थिति का प्रमाण देना अनिवार्य होगा. दरअसल, यह कदम ट्रंप प्रशासन की जन्म आधारित नागरिकता नीति में बदलाव का हिस्सा है.

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ट्रंप प्रशासन ने बच्चों के पासपोर्ट बनवाने के लिए नए नियम प्रस्तावित किए हैं. (File Photo- ITG) ट्रंप प्रशासन ने बच्चों के पासपोर्ट बनवाने के लिए नए नियम प्रस्तावित किए हैं. (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • वाशिंगटन,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:46 PM IST

अमेरिका में बच्चों के पासपोर्ट को लेकर एक नया नियम लाने की तैयारी चल रही है. इसके तहत माता-पिता को अपने बच्चे का पासपोर्ट बनवाते समय अपनी नागरिकता या अमेरिका में रहने का कानूनी सबूत देना पड़ सकता है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इसको लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया है. दरअसल, यह प्रस्ताव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जन्म से मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता पर रोक लगाने की कोशिश का हिस्सा है.

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मौजूदा नियमों के मुताबिक, अमेरिका में जन्मे बच्चे का पासपोर्ट बनवाते समय माता-पिता को अपने बच्चे से संबंध का सबूत और अपनी पहचान दिखानी होती है. अगर माता-पिता खुद अमेरिकी नागरिक हैं तो उन्हें अलग से इसका दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होती. नए प्रस्ताव के लागू होने पर यह व्यवस्था बदल सकती है.

पासपोर्ट के लिए  मां-बाप का नागरिकता सबूत जरूरी

नए प्रस्ताव के मुताबिक, बच्चे का पासपोर्ट बनवाते समय माता-पिता या कानूनी अभिभावक को अपनी नागरिकता या अमेरिका में रहने की स्थिति का सबूत देना होगा. अमेरिकी नागरिक माता-पिता पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज दिखा सकते हैं. वहीं, दूसरे लोगों को अमेरिका में अपने कानूनी दर्जे का सबूत देना पड़ सकता है.

इन दस्तावेजों के आधार पर सरकार यह जांच करेगी कि बच्चा अमेरिकी नागरिकता के लिए योग्य है या नहीं. यह नियम राष्ट्रपति ट्रंप के 6 अगस्त के आदेश को लागू करने के लिए तैयार किया जा रहा है.

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दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलने वाली नागरिकता के नियमों में बदलाव की कोशिश कर रहे हैं. उनका प्रशासन खास तौर पर उन मामलों पर रोक लगाना चाहता है, जिनमें महिलाएं बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका जाती हैं. इसे आम तौर पर ‘बर्थ टूरिज्म’ कहा जाता है.

ट्रंप के पहले आदेश में कहा गया था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चे को तभी अपने आप नागरिकता मिले, जब उसके माता-पिता में से कम से कम एक अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड धारक हो.

हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को असंवैधानिक माना था. कोर्ट ने कहा था कि यह संविधान के 14वें संशोधन में दी गई नागरिकता की व्यवस्था से टकराता है.

नए आदेश को भी कोर्ट में चुनौती

ट्रंप प्रशासन के नए कदम को भी कोर्ट में चुनौती दी जा रही है. उन बच्चों की ओर से मामले दायर किए गए हैं, जिनकी नागरिकता पर नए नियम का असर पड़ सकता है. वकीलों ने कोर्ट से नए आदेश को लागू होने से रोकने की मांग की है.

मैरीलैंड की एक संघीय अदालत में भी इस मामले पर सुनवाई हुई है. जज डेबोरा बोर्डमैन ने आदेश को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मामले को आगे बढ़ाने की इजाजत दी है, ताकि यह देखा जा सके कि नए आदेश पर रोक लगाई जा सकती है या नहीं.

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वहीं अमेरिकी सरकार का कहना है कि अभी नए नियम को लागू करने का प्रोसेस पूरा नहीं हुआ है. न्याय विभाग ने भी कोर्ट में कहा है कि मामले को चुनौती देना अभी जल्दबाजी है. सरकारी विभागों की ओर से नियम लागू करने की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.

अगर प्रस्ताव लागू होता है तो अमेरिका में बच्चों का पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त हो सकती है. खास तौर पर उन परिवारों को अपनी नागरिकता या अमेरिका में रहने की स्थिति से जुड़े दस्तावेज देने पड़ सकते हैं, जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए
 

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