अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने ईरान युद्ध में किसी अमेरिकी के मारे जाने की बात गलत तरीके से कहने पर माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि उनके बयान में गलती हुई थी और ईरान में अमेरिकी सेना के 18 सदस्यों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि 'मैंने गलत कहा था. हमारी सेना के 18 सदस्यों की मौत हुई है और उन परिवारों के लिए मेरा दिल टूट गया है. उनके नुकसान के लिए मुझे बहुत खेद है.'
लुटनिक ने X पर लिखा 'कल G20 इनोवेशन समिट में AI के बारे में बोलते हुए ईरान में सैन्य कार्रवाई को लेकर एक सवाल का जवाब देते समय मैंने गलत कहा था. हमारी सेना के 18 सदस्यों की मौत हुई है और उन परिवारों के लिए मेरा दिल टूट गया है. उनके नुकसान के लिए मुझे बहुत खेद है.'
लुटनिक ने कहा कि कहा कि वह वेनेजुएला के सैन्य अभियान के बारे में सोच रहे थे, जिसमें किसी सैन्यकर्मी की मौत नहीं हुई थी. लुटनिक ने आगे कहा कि 9/11 हमले की 25वीं बरसी करीब आने के साथ वह अमेरिकी सेना और देश की सेवा करने वाले पुरुषों और महिलाओं के बलिदान के लिए गहराई से आभारी हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा हमला फिर कभी नहीं होना चाहिए, जिसमें उन्होंने अपने भाई गैरी (36), अपने सबसे अच्छे दोस्त डग (39) और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमलों में मारे गए 656 अन्य करीबी दोस्तों और साथ काम करने वाले लोगों को खोया था.
इंटरव्यू के दौरान आया था बयान
लुटनिक का यह बयान बुधवार सुबह एक व्यापक इंटरव्यू के दौरान आया था. इसके तुरंत बाद इस बयान पर ज्यादा ध्यान नहीं गया. हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार सुबह ही इस मामले को हल्का करने की कोशिश की. उन्होंने इसको लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया था, जिसके करीब 45 मिनट बाद लुटनिक ने सार्वजनिक तौर पर माफी जारी की.
ईरान युद्ध में मारे गए और घायल लोगों की जानकारी को लेकर अमेरिकी प्रशासन पहले भी सवालों के घेरे में रहा है. खासकर जुलाई में रक्षा विभाग की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों से चार मौतों और दर्जनों घायलों की संख्या हटने के बाद इसको लेकर सवाल उठे थे. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पहले भी सैन्यकर्मियों की मौतों को लेकर मीडिया कवरेज की आलोचना कर चुके हैं. मार्च में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा था, कि 'जब कुछ ड्रोन अंदर आ जाते हैं या दुखद घटनाएं होती हैं, तो यह पहले पन्ने की खबर बन जाती है.'
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