अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की. ईरान ने अपने क्षेत्र से मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं, जिससे तनाव पूरे क्षेत्र में फैल गया है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने हमलावरों को पछताने वाला जवाब दिया है. IRGC ने दावा किया कि उसने बैलिस्टिक मिसाइलों से जॉर्डन में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया, जबकि ईरानी मीडिया ने बहरीन में अमेरिकी बेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले की जानकारी दी.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर भारी बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया. इस हमले में लंबी दूरी के RQ-4 और MQ-9 ड्रोन रखने वाले हैंगरों को निशाना बनाया गया.
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB पर प्रसारित एक बयान में IRGC ने दावा किया कि कई ड्रोन नष्ट कर दिए गए, कई अमेरिकी फ्लाइट और तकनीकी कर्मी मारे गए और तकनीकी बुनियादी ढांचे के कई हिस्सों में आग लगा दी गई. अमेरिका या जॉर्डन की ओर से तत्काल इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है.
यह तनाव मंगलवार को और बढ़ गया, जब अमेरिकी बलों ने दो दिनों में दूसरी बार ईरान पर हमला किया और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास IRGC के ठिकानों को निशाना बनाया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि किसी भी जवाबी कार्रवाई पर अमेरिका और ज्यादा गंभीर प्रतिक्रिया देगा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिका जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर “बड़े और शक्तिशाली” हमले कर रहा है.
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका का यह ऑपरेशन हॉर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की ईरान की नाकाम कोशिश और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के मिसाइल हमले के जवाब में किया गया.
जॉर्डन में सायरन सक्रिय
जॉर्डन में सायरन सक्रिय किए गए. सरकारी टीवी के मुताबिक, मफराक में रॉकेटों को इंटरसेप्ट किया गया. अल जजीरा अरबी ने भी बताया कि जॉर्डन के शहर में रॉकेटों को इंटरसेप्ट किया गया. अमेरिका ने मंगलवार को ईरानी ठिकानों पर नए हवाई हमले किए. इन हमलों से छह महीने पुराने संघर्ष के फिर भड़कने का खतरा बढ़ गया है, जिसने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को बढ़ाया था और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घरेलू लोकप्रियता पर असर डाला था.
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ये हमले सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच हुई गोलीबारी के बाद हुए. यह जुलाई के बाद पहली ऐसी घटना थी. सोमवार को हॉर्मुज स्ट्रेट से निकलते समय दो टैंकरों को निशाना बनाया गया था. यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है, जिसे ईरान ने प्रभावी रूप से शिपिंग के लिए बंद कर दिया था. ब्रेंट क्रूड वायदा पहले ही दिन में 2 फीसदी ऊपर था और हमलों की खबर के बाद इसमें करीब 2 फीसदी की और तेजी आई.
तेहरान ने कहा कि वह खाड़ी से तेल के निर्यात को रोक देगा. वहीं ट्रंप ने नए ईरानी हमलों के जवाब में ईरान पर कड़ा हमला करने की धमकी दी. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भी नए प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी.
अमेरिका ने IRGC को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी बलों ने मंगलवार को ईरान में दोपहर 12 बजे ET से IRGC के ठिकानों पर हमले शुरू किए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ये हमले हॉर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैन्यकर्मियों पर IRGC के हालिया कथित हमलों की कोशिश के बाद किए गए. ईरान के सरकारी प्रसारक ने स्ट्रेट के उत्तरी हिस्से में स्थित क़ेश्म द्वीप पर धमाकों की जानकारी दी. सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने जास्क और सिरिक में धमाकों की आवाज सुनाई देने की बात कही. सरकारी मीडिया ने दक्षिणी ईरान के जिरोफ्ट में एक नागरिक हवाई अड्डे पर अमेरिकी हमले की भी जानकारी दी. फॉर्स न्यूज एजेंसी ने IRGC के प्रवक्ता के हवाले से कहा कि अमेरिका को अपने नए हमलों पर पछताना होगा.
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