ट्रंप प्रशासन इज़राइल को 2,000 पाउंड वाले शक्तिशाली बम देने की योजना बना रहा है. ये वही हथियार हैं जिनकी वजह से गाज़ा में बड़े पैमाने पर लोगों की मौत की आशंका को लेकर चिंताएं पैदा हुई थीं. बाइडेन प्रशासन ने दो साल पहले इनकी डिलीवरी रोक दी थी.
इस 2.8 अरब डॉलर के पैकेज में 40,000 बम शामिल हैं. इसमें 20,000 Mk84 और 20,000 BLU-117 बम हैं. यह जानकारी दो अमेरिकी अधिकारियों और इस योजना की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने अपना नाम न बताने की शर्त पर दी, जो अब तक फाइनल नहीं है.
कांग्रेस को इस लंबित डील के बारे में अनौपचारिक रूप से बताया गया है. इसका ज़्यादातर भुगतान विदेशी सैन्य वित्तपोषण (foreign military financing) से किया जाएगा - जिसमें अमेरिकी टैक्सपेयर्स का पैसा इज़राइल को दिया जाता है ताकि वह अमेरिका से ही हथियार खरीद सके.
यह प्रस्तावित डील ट्रंप प्रशासान की ओर से इजरायल की सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की कड़ी में एक अहम फैसला माना जा रहा है. गाजा में जारी संघर्ष के बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी मारे गए हैं. इलाके में भारी तबाही हुई है. हालांकि, अमेरिका ने एक कमज़ोर युद्धविराम कराया था लेकिन हिंसा जारी रही.
इस पैकेज की खबर सबसे पहले 'द वाशिंगटन पोस्ट' ने दी थी. यह सौदा ऐसे समय में आया है जब 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद गाजा में इजरायल के सैन्य अभियान को लेकर इज़राइल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते अलगाव का सामना करना पड़ रहा है.
2024 में बाइडेन प्रशासन ने रोकी थी बमों की खेप
बता दें 2024 में बाइडेन प्रशासन ने बमों की एक खेप को रोक दिया था, लेकिन दोबारा राष्ट्रपति पद संभलाने के बाद ट्रंप ने उस रोक को हटा दिया. पिछले साल, ट्रंप प्रशासन ने सामान्य कांग्रेसी समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए इज़राइल को लगभग 3 अरब डॉलर की बिक्री को मंज़ूरी दी थी. इसमें 35,500 से ज़्यादा बम शामिल थे. इसके बाद प्रशासन ने जनवरी में इज़राइल को कुल 6.67 अरब डॉलर के हथियारों की बिक्री की एक नई सीरीज़ को मंज़ूरी दी.
2,000 पाउंड वाले बमों के कई प्रकार होते हैं. इनमें कुछ बम जमीन के नीचे गहरे लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए बनाए गए है, जबकि कुछ जमीन के ऊपर फटते हैं और बड़े इलाके में भारी तबाही मचा सकते हैं.
इजरायली सेना ने गाजा में इस्तेमाल किए गए बमों और तोपखाने को लेकर बहुत कम ही जानकारी दी है. लेकिन हमलों के फुटेज और घटनास्थल से मिले बमों के टुकड़ों का विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि गाजा में अमेरिका में बने बमों का इस्तेमाल किया गया है. इनका इस्तेमाल हमास के सुरंग नेटवर्क को निशाना बनाने के लिए किया गया, लेकिन घनी आबादी वाले इलाकों में लोगों की मौत भी हुई.
2023 में दक्षिणी इज़राइल पर हमास के हमले में लगभग 1,200 लोगों की मौत हुई थी और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था. गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसके जवाब में गाज़ा में इज़राइल के हमले में 73,264 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं; इसमें युद्धविराम के बाद मारे गए लोग भी शामिल हैं.
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