ईरान और अमेरिका में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि स्ट्रेट से गुजरने वाला दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला और चालू है. वहीं, ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट को दोबारा खोलने को लेकर बातचीत में भी प्रगति की खबर है. हालांकि, अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर कहा है कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट हैं और किसी भी अंतिम समझौते का अहम लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाना होगा. फिलहाल तत्काल प्राथमिकता होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है.
यह भी पढ़ें: अब होर्मुज में बनेगा जहाजों का हाई-वे! ईरान-ओमान के बीच वार्ता जारी
ईरान-ओमान में फिलहाल अंतिम समझौता नहीं
मार्को रुबियो के मुताबिक, होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत और मोलभाव चल रहा है और अमेरिका भी इस प्रक्रिया में शामिल है. उनका कहना है कि कोशिश है कि कम समय में ज्यादा से ज्यादा कारोबारी जहाज सुरक्षित तरीके से स्ट्रेट पार कर सकें. अमेरिकी अधिकारियों ने बातचीत में प्रगति की बात कही है, लेकिन अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि दक्षिणी रास्ते से कारोबारी जहाजों की आवाजाही जारी है. हालांकि, समुद्री यातायात के ताजा आंकड़े बताते हैं कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या अभी भी सामान्य स्तर से काफी कम है. मंगलवार को सिर्फ छह जहाजों के गुजरने की रिपोर्ट सामने आई, जिससे साफ है कि रास्ता खुला होने के बावजूद शिपिंग कंपनियां अभी भी जोखिम को लेकर सतर्क हैं.
यह भी पढ़ें: अमेरिका ने ईरान जंग में ही खपा दिया पूरा स्टॉक, अब मिसाइलों की भारी कमी
ईरान-ओमान में किन मुद्दों पर चल रही वार्ता?
ईरान और ओमान के बीच प्रस्तावित व्यवस्था में जहाजों के लिए अलग-अलग समुद्री लेन के इस्तेमाल पर चर्चा हो रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की तरफ से आने वाले जहाजों के लिए एक रास्ता और ओमान की तरफ से जाने वाले जहाजों के लिए दूसरा रास्ता रखने का प्रस्ताव है. हालांकि, अमेरिका ईरान को समुद्री रास्ते पर किसी तरह का नियंत्रण या टोल लगाने के पक्ष में नहीं है.
यानी फिलहाल होर्मुज को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है. एक तरफ अमेरिका दक्षिणी रास्ते को खुला बता रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट को लेकर समझौते की कोशिश जारी है. इसी के साथ परमाणु मुद्दा अमेरिका-ईरान बातचीत का सबसे बड़ा और लंबी अवधि का मुद्दा बना हुआ है.
aajtak.in