स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से रुकी तेल-गैस की सप्लाई... सर्जियो गोर ने बताया क्या है US की प्रायोरिटी

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो गई है. ईरान की सख्त निगरानी और जहाजों पर हमलों के कारण वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है. इस बीच भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता ऊर्जा सप्लाई को स्थिर रखना और तेल की कीमतों को नियंत्रित करना है.

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इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में आए US राजदूत सर्जियो गोर. (Photo- ITG) इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में आए US राजदूत सर्जियो गोर. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:08 PM IST

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाली तेल और गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है. इस अहम समुद्री रास्ते पर ईरान की सख्त निगरानी और हमले के चलते कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और कुछ जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं.

इसी मुद्दे पर नई दिल्ली में आयोजित India Today Conclave 2026 में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से सवाल किया गया कि ऐसे हालात में अमेरिका की प्राथमिकता क्या है और भारत को रूसी तेल खरीदने को लेकर रुख में बदलाव क्यों आया?

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इस पर सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप दुनिया भर में चल रहे संघर्षों को खत्म करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इसमें रूस-यूक्रेन युद्ध भी शामिल है और ट्रंप इस युद्ध को समाप्त करने के लिए हर संभव कोशिश करना चाहते हैं.

सर्जियो गोर ने बताया कि पहले हालात अलग थे, जब कई देश रूसी तेल नहीं खरीद रहे थे. लेकिन मौजूदा स्थिति बिल्कुल अलग है, क्योंकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ा दिया है और कुछ जगहों पर व्यावसायिक जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है.

सर्जियो गोर ने कहा कि हाल ही में एक हमले में एक भारतीय नागरिक की भी मौत हुई है, जिससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. उनके मुताबिक ऐसे समय में भारत और अमेरिका मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि वैश्विक तेल बाजार को स्थिर रखा जा सके और कीमतों में ज्यादा उछाल न आए.

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जब उनसे पूछा गया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात को संभालने के लिए अमेरिका क्या कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है. सर्जियो गोर के अनुसार अमेरिका ने अपने स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व से तेल जारी किया है, ताकि बाजार में सप्लाई बनी रहे.

सर्जियो गोर ने यह भी बताया कि कुछ तेल शिपमेंट्स को दक्षिण अमेरिका और अन्य वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा है. सर्जियो गोर ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना सही नहीं है और इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई पर गंभीर असर पड़ सकता है.

कौन हैं सर्जियो गोर?

सर्जियो गोर इस समय भारत में अमेरिका के राजदूत के रूप में काम कर रहे हैं. इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष दूत भी नियुक्त किया है. इससे पहले गोर व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति के सहायक और डायरेक्टर ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल के पद पर काम कर चुके हैं. उनके कार्यकाल के दौरान संघीय सरकार में हजारों राजनीतिक नियुक्तियां रिकॉर्ड समय में पूरी की गई थीं.

व्हाइट हाउस से पहले सर्जियो गोर ने ट्रंप के साथ मिलकर विनिंग टीम पब्लिशिंग नाम की एक प्रकाशन संस्था की स्थापना की थी, जिसे अमेरिका के प्रमुख कंजरवेटिव पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है. इसी संस्था ने डोनाल्ड ट्रंप की कई बेस्टसेलर किताबें भी प्रकाशित की हैं. सर्जियो गोर ने जियोर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं और अमेरिकी राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं.

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