सऊदी अरब में श्रीलंकाई हिंदू की मौत की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, ईशनिंदा का था आरोप

सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने श्रीलंका के हिंदू प्रवासी वर्कर सिवरासा अनोज़न को सुनाई गई मौत की सज़ा को पलट दिया है. अनोज़न पर फ़ेसबुक पर किए गए एक कमेंट के लिए ईशनिंदा का मुक़दमा चलाया गया था और उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई थी. इस सजा के खिलाफ श्रीलंका ने सऊदी अरब में कूटनीतिक पहल शुरू की थी.

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 सिवरासा अनोज़न की मौत की सजा पर रोक लगा दी गई है. (Photo: ITG) सिवरासा अनोज़न की मौत की सजा पर रोक लगा दी गई है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

सऊदी अरब में कथित ईशनिंदा के मामले में मौत की सजा पाए श्रीलंका के हिंदू नागरिक अनोजन सिवरासा के लिए उम्मीद की रोशनी नजर आई है. सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने अनोजन सिवरासा की मौत की सजा पर रोक लगा दी है. उन्हें पैगंबर मोहम्मद का कथित रूप से अपमान करने वाले फेसबुक कमेंट पर यह सज़ा सुनाई गई थी.

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श्रीलंकाई न्यूज़ आउटलेट 'न्यूज़वायर' की रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका के विदेश मामलों, विदेशी रोज़गार और पर्यटन मंत्रालय ने 14 अक्तूबर को जारी एक बयान में इस बात की पुष्टि की कि सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्तूबर को मौत की सज़ा रद्द कर दी है. 

शिवरासा की मुश्किलें जून के आखिर में श्रीलंका में एक हिंदू तीर्थयात्रा के दौरान हुई एक घटना के बाद शुरू हुईं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक युवा मुस्लिम व्यक्ति हिंदू तीर्थयात्रियों के पीछे चल रहे एक कुत्ते को लात मारता हुआ दिख रहा था; इस वीडियो को लेकर यूज़र्स के बीच तीखी बहस छिड़ गई. 

ऑनलाइन बहस के दौरान एक यूज़र ने हिंदू देवता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की. इसके जवाब में शिवरासा ने भी तमिल भाषा में टिप्पणी की. 
 हालांकि उन्होंने जल्द ही वह टिप्पणी हटा दी और माफ़ी मांगते हुए एक वीडियो पोस्ट किया. 

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श्रीलंका के अखबार डेली मिरर के अनुसार सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने श्रीलंका के प्रवासी वर्कर अनोजन सिवरासा को सुनाई गई मौत की सज़ा को पलट दिया है.

सिवरासा को सऊदी अरब की अपील कोर्ट ने मौत की सज़ा सुनाई थी. एक लंबी प्रक्रिया के बाद, उन्होंने 11 अक्टूबर 2026 को सऊदी सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की. अपील दायर होने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अपील कोर्ट के फ़ैसले को पलट दिया. 

सिवरासा की रिहाई की कोशिशों की अगुवाई श्रीलंका सरकार ने की, जिसने अपील पर आगे बढ़ने के लिए सऊदी अरब में एक खास कानूनी दल भेजा. श्रीलंका के उप विदेश मंत्री ने भी फेसबुक पोस्ट में पुष्टि की कि फ़ैसला पलट दिया गया है. 

उप विदेश मंत्री अरुण हेमाचंद्र ने कहा, "सऊदी अरब सरकार के सहयोग के लिए और हमारे राजदूत, विदेश मंत्रालय के सचिव और अधिकारियों, श्रीलंका विदेशी रोज़गार ब्यूरो के चेयरमैन और सदस्यों, और श्रीलंकाई व सऊदी कानूनी टीमों की समर्पित कोशिशों के लिए मैं उनका दिल से शुक्रिया अदा करता हूं."

सूत्रों के मुताबिक सऊदी अरब में श्रीलंका के राजदूत अमीर अजवाद ने भी शिवरासा की रिहाई के लिए कूटनीतिक कोशिशों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. 

UK के न्यूज़ आउटलेट 'द इंडिपेंडेंट' ने बताया कि सऊदी अरब में श्रीलंका के राजदूत उमर लेब्बे अमीर अजवाद ने 8 अक्टूबर को रियाद से 400 किलोमीटर पूर्व में स्थित दम्मम सेंट्रल जेल में अनोझन शिवरासा से मुलाक़ात की. उन्होंने सिवरासा का हाल-चाल जाना, क्योंकि एक हफ़्ते पहले ही उनके साथ जेल की कोठरी में रहने वाले एक कैदी ने मारपीट की थी. 
 

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