'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा? क्या है मोरक्को का स्यूटा विवाद

स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.

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स्यूटा शहर भौगोलिक रूप से अफ्रीका में मोरक्को के उत्तरी तट पर स्थित है (Photo: ITG) स्यूटा शहर भौगोलिक रूप से अफ्रीका में मोरक्को के उत्तरी तट पर स्थित है (Photo: ITG)

पन्ना लाल

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST

कोई समंदर में तैरता दिखा, कोई फ्लोटिंग ट्यूब पकड़े हुए था, कुछ थे जो नौका पर सवार थे. सभी लोग बॉर्डर क्रॉस करना चाहते थे. सुरक्षा बल उन्हें रोकने में जुटे रहे. लेकिन नाकाम. यहां जबर्दस्त टकराव हो रहा है. 

यूरोप के दरवाजे यानी कि स्पेन के स्यूटा शहर पर इन दिनों गोलियों की आवाज गूंज रही है. उत्तरी अफ्रीका से प्रवासियों की फौज बेहतर भविष्य की उम्मीद में समुद्र पार कर एक छोटे से शहर में दाखिल होना चाहते हैं, लेकिन उनका सामना पुलिस की फायरिंग और सुरक्षा बलों की सख्ती से हो रहा है.

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इस टकराव में 57 लोगों की मौत हो चुकी है और दुनिया भर में मानवाधिकारों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस शहर को लेकर इतना बवाल मचा है, वह अफ्रीका में मोरक्को की जमीन से चारों ओर घिरा हुआ है, लेकिन उस पर शासन चलता है स्पेन का. आखिर सदियों पुरानी कौन-सी ऐतिहासिक कहानी स्यूटा को यूरोप का हिस्सा बनाए हुए है? मोरक्को इसे अपना क्यों मानता है? और क्यों यह छोटा-सा शहर अफ्रीका से यूरोप पहुंचने का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार बन गया है. 

आइए इतिहास के पन्ने को पलटते हैं. 

स्यूटा की मौजूदा कहानी क्या है?

मोरक्को से स्पेन के उत्तरी अफ़्रीकी एन्क्लेव स्यूटा में पिछले एक हफ़्ते में हज़ारों प्रवासी पहुंचे हैं. स्यूटा के प्रेसिडेंट का कहना है कि बॉर्डर पर चल रहे संकट के दौरान मोरक्को से लगभग 60,000 प्रवासी स्पेन के स्यूटा में दाखिल हुए हैं. यह संख्या शहर की आम आबादी के 70 प्रतिशत के बराबर है. स्यूटा के राष्ट्रपति जुआन जीसस विवाज़ ने कहा, "स्यूटा जिस स्थिति से गुज़र रहा है, वह अभूतपूर्व है."  इस दौरान भगदड़, डूबने और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 57 लोगों की मौत हो गई है.

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स्पेन ने हालात संभालने के लिए सेना और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए हैं. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एक ही दिन में हजारों प्रवासियों ने सीमा पार करने की कोशिश की जिससे यह 2021 के बाद सबसे बड़ा संकट बन गया. 

स्यूटा स्पेन पहुंचने का सबसे नजदीकी रास्ता है. ये इतना नजदीक है कोई चाहे तो तैरकर आ सकता है तो कोई बाड़ फांदकर. कुछ लोग तो चेक पॉइंट से जबरन भागकर इधर घुस जाते हैं. 

स्यूटा में प्रवासियों की भीड़ (Photo: AP)

स्यूटा से आई तस्वीरें और वीडियोज डरावने हैं. चेक पॉइंट खुलता है और लोगों की फौज दौड़ती हुई सारे सुरक्षा इंतजामों को धत्ता बताते हुए बॉर्डर के इस पार घुस आती है. इनमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की है. 

रॉयटर्स के एक्स पोस्ट में सैकड़ों लोग समंदर तैरकर स्पेन में घुस रहे हैं. 

स्पेन और मोरक्को के बीच दूरी कितनी है?

स्पेन और मोरक्को के बीच सबसे कम समुद्री दूरी लगभग 14 किलोमीटर है. यह दूरी जिब्राल्टर स्ट्रेट में स्पेन के पुंटा दे तारिफा और मोरक्को के पुंटा सीरेस (Punta Cires) के बीच है.

हालांकि यदि स्यूटा की बात करें तो स्थिति अलग है. स्यूटा सीधे मोरक्को की सीमा से सटा हुआ है. स्यूटा और मोरक्को के बीच लगभग 8.2 किलोमीटर लंबी स्थलीय सीमा यानी की लैंड बॉर्डर है. यानी स्यूटा में स्पेन और मोरक्को के बीच कोई समुद्री दूरी नहीं, बल्कि सीधी जमीनी सीमा है. इसी वजह से प्रवासी अक्सर सीमा की बाड़ फांदकर या समुद्र के किनारे से स्यूटा में घुसने की कोशिश करते हैं. 

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मोरक्को से स्पेन के स्यूटा में क्यों आ रहे हैं लोग

सीधी सी बात है. स्पेन यूरोपीय देश है और समृद्ध है. यहां सुनहरा भविष्य है, नौकरी-रोजगार के मौके हैं. जबकि मोरक्को गरीब देश है. यहां के युवा रोजगार की तलाश में यहां से निकल रहे हैं. 

अचानक स्पेन क्यों घुसने लगे मोरक्को के लोग?

इसकी वजह स्पेन के सुप्रीम कोर्ट का एक हालिया फैसला बताया जा रहा है. कोर्ट ने कहा है कि स्यूटा के पास समुद्र में पकड़े गए प्रवासियों को पुराने नियमों के तहत तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता. पहले 'बॉर्डर रिजेक्शन' के तहत ऐसा किया जा सकता था. इससे प्रवासियों को शह मिल गई है.  वे स्पेन में बसने की उम्मीद में यहां किसी भी तरह घुस जाना चाहते हैं. 

साथ ही स्पेन करीब 5 लाख अवैध प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने की योजना पर काम कर रहा है.  स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ प्रवासियों के प्रति अपेक्षाकृत उदार नीति अपनाते हैं. उनकी सरकार कानूनी प्रवासन, शरणार्थियों के पुनर्वास और लंबे समय से रह रहे अवैध प्रवासियों को नियमित दर्जा देने का समर्थन करती है . 

इस घटना के बाद स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज ने एक्स पर कहा है कि सरकार स्यूटा के लोगों की सुरक्षा की गारंटी देगी और शहर की सड़कों पर सिक्योरिटी फोर्स और कॉर्प्स की मौजूदगी बढ़ाएगी,

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इसके अलावा हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक बॉर्डर पर लोगों को वापस भेजने में आसानी के लिए समुद्र में एक फिजिकल कंटेनमेंट बैरियर लगाएंगे, हम उन माइग्रेंट्स की वापस भेजने की फाइलों को तेज़ी से आगे बढ़ाएंगे जो बिना किसी नियम के आए हैं,और हम इंसानों की तस्करी करने वाले माफियाओं के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए मोरक्को के अधिकारियों के साथ सहयोग बनाए रखेंगे. 

मोरक्को में होकर भी स्पेन का हिस्सा कैसे बना स्यूटा?

स्यूटा भौगोलिक रूप से अफ्रीका में मोरक्को के उत्तरी तट पर स्थित है, लेकिन राजनीतिक रूप से यह स्पेन का ऑटोनॉमस शहर है. इसका इतिहास लगभग 600 साल पुराना है. 

1415 में पुर्तगाल ने स्यूटा पर कब्जा किया था. बाद में 1580 में पुर्तगाल और स्पेन एक ही राजशाही के अधीन आ गए. जब 1640 में पुर्तगाल अलग हुआ, तब स्यूटा के स्थानीय शासकों ने स्पेन के साथ रहने का फैसला किया. 1688 की संधि के बाद स्यूता आधिकारिक रूप से स्पेन का हिस्सा बन गया. आज यह यूरोपीय संघ का हिस्सा भी है, हालांकि यह अफ्रीकी महाद्वीप में स्थित है.

मोरक्को इसे अपना क्यों मानता है?

मोरक्को का तर्क है कि स्यूटा और मेलिला उसके भूभाग पर स्थित औपनिवेशिक अवशेष हैं. यानी कि स्पेन ने इनपर कब्जा किया है और इन्हें स्पेन को वापस कर देना चाहिए. दूसरी ओर स्पेन का कहना है कि स्यूटा सदियों से उसका अभिन्न हिस्सा है और वहां की अधिकांश आबादी भी स्पेन के साथ रहना चाहती है. इसी वजह से यह इलाका दोनों देशों के बीच लगातार कूटनीतिक तनाव का कारण बना रहता है. 

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यूरोप के लिए क्यों अहम है यह संकट?

स्यूटा केवल स्पेन का सीमावर्ती शहर नहीं, बल्कि यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा भी है. इसे यूरोप का प्रवेश द्वार कहा जाता है. इसलिए यहां होने वाली हर बड़ी घुसपैठ पूरे यूरोप की आव्रजन नीति, सीमा सुरक्षा और शरणार्थी व्यवस्था पर असर डालती है.
 

 

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