'शेख हसीना को भारत से पकड़कर लाएंगे, फिर फांसी पर चढ़ाएंगे', फिर तल्ख हुए बांग्लादेश के तेवर

बांग्लादेश ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण को भारत बांग्लादेश के रिश्तों का फ्लैश पॉइंट बनाया है और कहा है कि अगर भारत चाहे तो हसीना को वापस भेजकर रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए तुरंत कदम उठा सकता है.

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शेख हसीना 2 वर्षों से भारत में रह रही हैं. (File photo: ITG) शेख हसीना 2 वर्षों से भारत में रह रही हैं. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:22 PM IST

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना सलाहकार जाहेद उर रहमान का कहना है कि सरकार मौत की सज़ा का सामना कर रही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को कैप्चर कर वापस लाना चाहती है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में मौत की सजा उनका इंतजार कर रही है, और उन्हें अपील करने का भी मौका नहीं मिलेगा. आते ही उन्हें मौत की सजा का सामना करना पड़ेगा.

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बांग्लादेश की सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत से वापस लाने की मांग एक बार फिर तेज कर दी है. बांग्लादेश के सूचना सलाहकार जाहेद उर रहमान ने भारत से रिश्ते सुधारने की शर्त रख दी है और कहा है कि इंडिया शेख हसीना को वापस भेजे रिश्ते अच्छे हो जाएंगे. 
 
उन्होंने साफ कहा है कि बांग्लादेश हसीना के अपनी मर्जी से लौटने का इंतजार नहीं करना चाहता, बल्कि उन्हें देश की कानूनी प्रक्रिया के जरिए वापस लाना चाहता है. 

जाहेद उर रहमान ढाका स्थित सेक्रेटेरिएट में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, “उन्हें देश वापस लाने के बारे में कोई टैक्टिक नहीं है,” यह सवाल पूछे जाने पर कि क्या सरकार हसीना के प्रत्यपर्ण की मांग का इस्तेमाल भारत पर दबाव बनाने के लिए कर रही है."

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ज़ाहेद ने कहा, “कुछ लोग जो अंदाज़ा लगा रहे हैं कि क्या सरकार शेख हसीना को वापस लाना चाहती है, यह गलत है. सरकार के पास सिर्फ़ भारत पर दबाव बनाने के लिए एक्सट्रैडिशन की मांग करने का कोई टैक्टिक नहीं है.”

उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश ने यह मामला भारत सरकार के सामने एक शर्त के तौर पर रखा गया और उनसे अपील की गई कि इसे गंभीरता से लिया जाए. 

जाहेद उर रहमान ने शेख हसीना को आरोपी, फरार आरोपी और और मौत की सज़ा पा चुकी दोषी बताया. 

बांग्लादेश के अखबार के अनुसार द डेली स्टार इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल के मुख्य अभियोजक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "अगर वह देश लौटती भी हैं, तो उन्हें अपने ख़िलाफ़ हुए मुकदमे की समीक्षा की मांग करने का मौका नहीं मिलेगा."

उन्होंने कहा, "तकनीकी तौर पर स्थिति यह है कि उनके आते ही उन्हें मौत की सजा का सामना करना पड़ेगा. हम उन्हें कैप्चर कर वापस लाना चाहते हैं."

जाहेद ने बांग्लादेश की आपत्तियों के बावजूद हसीना को भारतीय मीडिया को इंटरव्यू देने की इजाजत दिए जाने पर सरकार की नाराजगी भी जाहिर की.

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को उम्मीद है कि भारत सरकार हसीना के प्रत्यर्पण तक उन्हें ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से रोकने के लिए कदम उठाएगी. जाहेद ने कहा कि अगर भारत चाहे तो हसीना को वापस भेजकर रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए तुरंत कदम उठा सकता है. 

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हसीना को भारत ने क्यों दी है शरण?

शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत पहुंची थीं और तब से भारत में हैं. इसके बाद बांग्लादेश में उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए और ढाका ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की.

शेख हसीना के कार्यकाल में दोनों देशों के रिश्तों में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए. सीमा सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, कनेक्टिविटी और पूर्वोत्तर भारत के लिए ट्रांजिट जैसे मुद्दों पर ढाका और नई दिल्ली के बीच सहयोग बढ़ा था. इसलिए हसीना का मामला भारत-बांग्लादेश संबंधों के व्यापक रणनीतिक समीकरण से भी जुड़ा है. 

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