कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने अगली बैठक करने पर सहमति जताई है. कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि बातचीत में कई मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है. हालांकि अभी कई बड़े मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है, लेकिन दोनों देशों ने बातचीत आगे बढ़ाने का फैसला किया है. अब अगली बैठक ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के बाद जल्द बुलाई जाएगी.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने कतर के विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें हुईं. इन बैठकों में कतर और पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई, क्योंकि इस बार दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने नहीं बैठे थे. ये बातचीत दो दिनों तक चली, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल रहे. कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस्लामाबाद एमओयू (MoU) से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है. इसके बाद सभी पक्षों ने बातचीत आगे बढ़ाने और अगली बैठक करने पर सहमति जताई.
फ्रीज संपत्ति को लेकर क्या दावा किया गया?
ईरान ने इस दौर की बातचीत को अहम बताया है. ईरान की ओर से बातचीत में शामिल उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने दावा किया कि कई मुद्दों पर प्रगति हुई है. उनके मुताबिक, ईरान की करीब 6 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्ति में से कुछ हिस्सा जारी करने पर सहमति बनी है. उनका कहना है कि इस रकम का इस्तेमाल ईरान अपनी जरूरत के सामान खरीदने में कर सकेगा.
गरीबाबादी ने यह भी दावा किया कि समझौते के पालन के दौरान किसी तरह के विवाद या गलतफहमी से बचने के लिए दोनों देशों के बीच एक कम्युनिकेशन चैनल बनाया जाएगा. इसके जरिए अगर किसी पक्ष को समझौते के उल्लंघन की शिकायत होगी, तो उस पर सीधे बातचीत की जा सकेगी. हालांकि अमेरिका ने अभी तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
अभी कई अहम मुद्दों पर फैसला बाकी
बातचीत शुरू होने से पहले अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जारेड कुशनर ने कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी और अमीर तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की थी. हालांकि दोनों तकनीकी वार्ता का हिस्सा नहीं बने.
दोहा में हुई बातचीत के बाद माहौल पहले से बेहतर जरूर दिख रहा है, लेकिन अभी कई अहम मुद्दों पर फैसला होना बाकी है. इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और लंबे समय की सुरक्षा व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं. अमेरिका ने भी बातचीत को सही दिशा में बढ़ता हुआ बताया है, जबकि ईरान का कहना है कि अगर आगे भी इसी तरह बातचीत होती रही तो दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में और प्रगति हो सकती है.
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