खौफ में पाकिस्तान! भारत के एक्शन का सता रहा डर, दवाओं समेत इन चीजों का कर रहा स्टॉक

पाकिस्तान अब अपनी दवा जरूरतें पूरा करने के लिए चीन, रूस और कई यूरोपीय देशों से वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहा है, जिसमें एंटी-रेबीज टीके, एंटी-स्नेक वेनम, कैंसर उपचार, मोनोक्लोनल एंटीबॉडी और अन्य महत्वपूर्ण बायोलॉजिकल प्रोडक्ट शामिल हैं.

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भारत से व्यापार निलंबित होने के बाद पाकिस्तान ने दवा आपूर्ति के लिए आपातकालीन कदम उठाए. (File Photo) भारत से व्यापार निलंबित होने के बाद पाकिस्तान ने दवा आपूर्ति के लिए आपातकालीन कदम उठाए. (File Photo)

aajtak.in

  • इस्लामाबाद,
  • 27 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 9:27 AM IST

पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार संबंधों के निलंबन के बाद देश में दवाओं की कमी न हो यह सुरक्षित करने के लिए आपातकालीन उपाय शुरू किए हैं. पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित करने के भारत के फैसले के जवाब में, इस्लामाबाद ने गुरुवार को अन्य कदमों के अलावा नई दिल्ली के साथ सभी तरह का व्यापार निलंबित कर दिया था.

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जियो न्यूज ने बताया कि भारत के साथ व्यापार रुकने से पाकिस्तान में दवा की जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल उपाय शुरू किए गए हैं और स्वास्थ्य अधिकारियों ने आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं. ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ पाकिस्तान (DRAP) ने कहा कि सरकार की ओर से भारत से आने वाली दवाओं पर प्रतिबंध के बारे में कोई औपचारिक अधिसूचना नहीं जारी की गई है, लेकिन इमरजेंसी प्लान पहले से ही तैयार है.

पाकिस्तान अपनी 40% दवा आपूर्ति के लिए भारत पर निर्भर

रिपोर्ट में डीआरएपी के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है, '2019 के संकट के बाद, हमने ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयारी शुरू कर दी थी. अब हम अपनी दवा जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश रहे हैं.' वर्तमान में, पाकिस्तान की फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री 30% से 40% रॉ मैटेरियल के लिए भारत पर निर्भर है, जिसमें एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स (API) और विभिन्न एडवांस मेडिकल प्रोडक्ट शामिल हैं.

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पाकिस्तान अब अपनी दवा जरूरतें पूरा करने के लिए चीन, रूस और कई यूरोपीय देशों से वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहा है, जिसमें एंटी-रेबीज टीके, एंटी-स्नेक वेनम, कैंसर उपचार, मोनोक्लोनल एंटीबॉडी और अन्य महत्वपूर्ण बायोलॉजिकल प्रोडक्ट शामिल हैं. पाकिस्तान सरकार का स्वास्थ्य विभाग भले ही हर स्थिति के लिए तैयार होने की बात कह रहा है, लेकिन वहां की फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि भारत के साथ व्यापार निलंबन के दुष्परिणामों से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है.

फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री को सप्लाई चेन बाधित होने का डर

पाकिस्तान स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, 'पाकिस्तान अपनी दवाइयों के कच्चे माल का 30-40% हिस्सा भारत से आयात करता है. हम तैयार उत्पाद, सबसे महत्वपूर्ण रूप से कैंसर रोधी उपचार, जैविक उत्पाद, टीके और सीरम, विशेष रूप से रेबीज रोधी टीके और एंटी-स्नेक वेनम भी भारत से आयात करते हैं. भारत के साथ सभी प्रकार के व्यापार को निलंबित करने की सरकार की स्पष्ट घोषणा के बावजूद, स्वास्थ्य मंत्रालय को अभी तक दवा आयात की स्थिति को स्पष्ट करने वाला कोई आधिकारिक निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री को डर है कि आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण गंभीर कमी हो सकती.'

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को लश्कर के आतंकवादियों ने 26 लोगों को गोली मार दी थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. यह 2019 में पुलवामा हमले के बाद कश्मीर घाटी में सबसे घातक आतंकी वारदात थी. पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रॉक्सी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने पहले इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन बाद में अपने दावे से पलट गया था. भारत ने इस हमले में शामिल आतंकियों, साजिशकर्ताओं और उनके आकाओं को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा देने का संकल्प लिया है.

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