आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहे पाकिस्तान को आईएमएफ यानी इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड से बड़ी राहत मिली है. पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने बुधवार को जानकारी दी कि देश को IMF से कुल 1.3 अरब डॉलर की फंडिंग मिल गई है. यह रकम दो अलग-अलग वित्तीय कार्यक्रमों के तहत जारी की गई है.
पाकिस्तान के स्टेट बैंक के मुताबिक, IMF ने एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी यानी EFF के तहत 1.1 अरब डॉलर और रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी यानी RSF के तहत करीब 22 करोड़ डॉलर जारी किए हैं. यह राशि 12 मई को पाकिस्तान को ट्रांसफर की गई.
दरअसल, IMF ने सितंबर 2024 में पाकिस्तान के लिए 37 महीनों की अवधि वाला 7 अरब डॉलर का EFF पैकेज मंजूर किया था. इसके अलावा जलवायु और पर्यावरण से जुड़े जोखिमों से निपटने के लिए RSF के तहत 1.4 अरब डॉलर की अतिरिक्त मदद देने का भी फैसला किया गया था.
यह भी पढ़ें: चीन-US की डिप्लोमेसी में फंसा पाकिस्तान, ईरान पर उल्टा पड़ा दांव
पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि IMF के एग्जीक्यूटिव बोर्ड ने 8 मई को हुई बैठक में EFF की तीसरी समीक्षा पूरी की और पाकिस्तान के लिए 76 करोड़ स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स यानी SDR जारी करने को मंजूरी दी. साथ ही RSF के तहत दूसरी किस्त के रूप में 15.4 करोड़ SDR भी मंजूर किए गए.
इन दोनों रकम को मिलाकर पाकिस्तान को कुल 91.4 करोड़ SDR मिले हैं, जिसकी कीमत करीब 1.3 अरब डॉलर बताई जा रही है. स्टेट बैंक ने कहा कि इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी होगी और 15 मई को खत्म होने वाले सप्ताह के रिजर्व आंकड़ों में इसका असर दिखाई देगा.
पिछले हफ्ते भी IMF ने पाकिस्तान के लिए करीब 1 अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता को मंजूरी दी थी. अब तक पाकिस्तान IMF से कुल 8.4 अरब डॉलर के दो बड़े पैकेजों में से लगभग 4.5 अरब डॉलर हासिल कर चुका है.
यह भी पढ़ें: Exclusive: सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तान के एयरबेस पर दिखे ईरानी विमान
IMF की यह मंजूरी ऐसे समय आई है, जब पाकिस्तान सरकार ने वित्तीय और मॉनेटरी गोल पर कुछ हद तक बेहतर प्रदर्शन दिखाया है. हालांकि देश की अर्थव्यवस्था अब भी भारी दबाव में है और विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर अलग-अलग राय है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के बाकी महीनों में हालात कितने सुधर पाएंगे.
फिलहाल पाकिस्तान के लिए यह फंडिंग बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि देश लंबे समय से विदेशी मुद्रा संकट, महंगाई और कमजोर आर्थिक वृद्धि जैसी समस्याओं से जूझ रहा है.
आजतक इंटरनेशनल डेस्क