भारत के जवाब में नकल पर उतरा पाकिस्तान, बिलावल भुट्टो की अगुवाई में विदेश टीम भेजेंगे PM शहबाज

अपनी वैश्विक कूटनीति को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी को चुना है. शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिलावल को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी.

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पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो (फाइल फोटो) पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मई 2025,
  • अपडेटेड 7:22 AM IST

ऑपरेशन सिंदूर की शानदार सफलता के बाद अब केंद्र सरकार वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को बेनकाब करने की तैयारी कर रही है. सरकार ने ऐसे में सभी दलों के 40 सांसदों की टीम बनाई है जिसे 7 डेलिगेशन में बांटा है. ये सांसद दुनिया को बताएंगे कि कैसे पाकिस्तान आतंकवाद का सबसे बड़ा गढ़ है. अब पाकिस्तान ने भी भारत की पहल की नकल की है.

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अपनी वैश्विक कूटनीति को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी को चुना है. शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिलावल को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी. 

पाकिस्तान की रणनीति और बिलावल की भूमिका
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने बिलावल के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया है, जिसमें पूर्व मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान, हिना रब्बानी खार और पूर्व विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी शामिल हैं. बिलावल ने एक एक्स पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुझसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति के लिए पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का अनुरोध किया. मैं इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूं.” 

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विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान की कोशिश है कि वह दुनिया में अपना पक्ष स्पष्ट कर सके और भारत की कूटनीतिक बढ़त को संतुलित कर सके. हालांकि, भारत के संगठित और बहुपक्षीय प्रयासों के सामने पाकिस्तान की इस पहल की प्रभावशीलता पर सवाल भी उठ रहे हैं.

भारत ने गठित की इन सांसदों की टीम

शनिवार को भारत सरकार ने भी इसी प्रकार की पहल करते हुए संसद मामलों के मंत्रालय के माध्यम से जानकारी दी कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर और एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले समेत अन्य वरिष्ठ नेता दुनिया के प्रमुख देशों में जाकर भारत का पक्ष रखेंगे. थरूर अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राज़ील और कोलंबिया की यात्रा करेंगे, जबकि सुले मिस्र, क़तर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका जाएंगी.

इस भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के सदस्य शामिल हैं, जिनमें कनिमोझी, संजय झा, रविशंकर प्रसाद, बैजयंत पांडा और श्रीकांत शिंदे जैसे नाम प्रमुख हैं. इनका मकसद है कि भारत का रुख अंतरराष्ट्रीय साझेदारों तक स्पष्ट और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए.

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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने X पर एक लिस्ट जारी कर बताया है कि कौन सा सांसद किस देश में जाएगा और उसके डेलिगेशन में कौन-कौन शामिल होगा. इसके साथ ही किरेन रिजिजू ने कहा कि ये सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे. ये प्रतिनिधिमंडल दुनिया को ये मैसेज देगा कि भारत आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप के खिलाफ सख्त और एकजुट रुख रखता है. प्रतिनिधिमंडल में कई दलों के सांसद, प्रमुख राजनीतिक हस्तियां और वरिष्ठ राजनयिक शामिल होंगे.

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