होर्मुज डलडमरूमध्य में कुवैत के झंडे वाले टैंकर MT काजिमाह III पर प्रोजेक्टाइल लगने के बाद उस पर सवार पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया. ओमान में भारतीय दूतावास ने बचाव अभियान में मदद की और सभी भारतीयों को सुरक्षित किनारे पर पहुंचाया गया.
भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को X पर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी. दूतावास ने बचाव अभियान में मदद के लिए ओमानी आधिकारियों का आभार जताया है. यह कच्चे तेल का टैंकर फिलहाल कुवैत के झंडे के तहत चल रहा है और टोगो के लोमे बंदरगाह की जा ओर जा रहा है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार नजर बनाए हुए है.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस क्षेत्र में अलग-अलग वाणिज्यिक जहाजों पर साढ़े 4 हजार से ज्यादा भारतीय नाविक सवार हैं. वहीं, 12 मालवाहक जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार हैं.
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बीते दिनों साफ किया था कि जहाजों की आवाजाही और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत लगातार नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने यह स्पष्ट किया था कि भारत विदेशों में अपने समुद्री समुदाय की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब फारस की खाड़ी, लाल सागर और काला सागर जैसे मुख्य समुद्री मार्गों में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ी हैं और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं.
पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जाहिर की थी. पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जाहिर की थी. उन्होंने इसे अस्वीकार बताते हुए तनाव कम करने की अपील की थी. साथ ही, उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में नागरिक कर्मचारियों की सुरक्षा, ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति और वैश्विक व्यापार बनाए रखने में भी तत्काल संयम बरतने की भी अपील की थी.
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