नॉर्थ कोरिया ने बायनेन्स क्रिप्टो एक्सचेंज में हुई 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा की चोरी में अपना हाथ होने से इनकार किया है. अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) की जांच और आरोपों को खारिज करते हुए नॉर्थ कोरिया ने इसे बेतुका उकसावा बताया है. नॉर्थ कोरिया के लीडर किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने एफबीआई के बयान को 'बकवास बयानबाजी' और बेतुका उकसावा करार दिया.
बता दें, दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बायनेन्स ने कहा था कि 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम चोरी हो गई, जिसे अब तक का सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी हेइस्ट (cryptocurrency heist) माना जा रहा है.
एफबीआई ने इस साइबर हमले का जिम्मेदार नॉर्थ कोरियाई हैकर्स के ग्रुप 'ट्रेडरट्रेटर' को ठहराया था. इसी हैकिंग ग्रुप ने पिछले साल बायबिट एक्सचेंज से 1.5 बिलियन डॉलर की रकम हैक की थी.
किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने एफबीआई के इस ऐलान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. किम यो जोंग ने एफबीआई के बयान को 'बकवास बयानबाजी' बताया.
किम यो जोंग ने कहा, 'यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले साइबर क्राइम मामलों में सीधे नॉर्थ कोरिया का नाम घसीट रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भ्रम फैला रहा है. इस घटना से हमने एक बार फिर वाशिंगटन का हमारे प्रति दुश्मनी भरा रवैया देख लिया है. हम अमेरिका की ऐसी उकसावे वाली गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं.'
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका के नेतृत्व वाले कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद नॉर्थ कोरिया अपनी इकोनॉमी को संभालने और न्यूक्लियर प्रोग्राम की फंडिंग के लिए क्रिप्टो चोरी और अवैध साइबर गतिविधियों का सहारा लिया है.
दिसंबर 2022 में साउथ कोरियाई खुफिया एजेंसी ने अनुमान लगाया कि नॉर्थ कोरियाई हैकर्स ने पिछले 5 सालों में 1.5 ट्रिलियन वॉन (1.1 बिलियन डॉलर) की क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वर्चुअल एसेट्स चुराई. हालांकि नॉर्थ कोरिया इन आरोपों को नकारता रहा है.
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