नेपाल में बारिश और भीषण तूफान ने मचाई तबाही, 31 की मौत, 400 घायल

नेपाल में रविवार से शुरू बारिश और भयंकर तूफान की वजह से भारी तबाही हुई है. तूफान की चपेट में आने से अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 400 से ज्यादा घायल हुए हैं.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • काठमांडू,
  • 01 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 8:37 AM IST

नेपाल में रविवार से शुरू बारिश और भयंकर तूफान की वजह से भारी तबाही हुई है. तूफान की चपेट में आने से अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 400 से ज्यादा घायल हुए हैं. बारा जिले में 27 और पर्सा जिले में 4 लोगों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है. बताया जा रहा है कि अस्पतालों में बेड और ब्लड का बहुत ही अभाव देखा गया है.

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इस बीच, राहत और बचाव कार्य के लिए सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल सेना की टीम को बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया गया है. प्रशासन स्थिति से निपटने में लगा हुआ है. टेंट और तिरपाल लेकर राहत बचाव दल विभिन्न स्थानों पर पहुंच रहा है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक नेपाल सेना के प्रवक्ता यम प्रसाद धकाल ने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए दो हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं. सिमर इलाके में भी सेना हालात से निपटने के लिए मुस्तैद है. बारिश और तूफान से प्रभावित इलाकों में 100 से ज्यादा सैन्यकर्मियों को तैनात किया गया है. बचाव एवं राहत कार्य जारी है.

नेपाल के समाचार पत्र ‘हिमालयन टाइम्स’ के मुताबिक रविवार को यह तूफान दक्षिणी जिले बारा और पास के परसा में शाम के समय आया. जिला पुलिस कार्यालय के मुताबिक परसा में हताहतों की संख्या बढ़ सकती है. खबरों के मुताबिक कम से कम 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 लोग घायल हुए हैं.

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नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने बताया कि घायलों का उपचार कई अस्पतालों में चल रहा है. प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने लोगों के मारे जाने की घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

बता दें कि 2012 में नेपाल में हुई भारी बारिश से बाढ़ आ गई थी जिसमें दो हजार घर तबाह हो गए थे. नेपाल के डांग जिले में राप्ती नदी में आई बाढ़ से 2000 घर बह गए. इसमें चार हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे.

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