नेपाल: बाढ़ में बहकर आए बैंक के सेफ पर डाका, तिजोरी तोड़कर निकाले ₹92 लाख... पुलिस ने 29 लोगों को किया गिरफ्तार

नेपाल के धादिंग जिले में त्रिशूली नदी की बाढ़ में बहकर आए एक बैंक सेफ को तोड़कर रकम निकालने के आरोप में पुलिस ने 29 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से 92 लाख 68 हजार रुपये से ज्यादा नकद बरामद हुए हैं. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि रकम कहां से आई और इसमें और कौन शामिल है.

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नेपाल के धादिंग में बाढ़ में बहकर आए बैंक के सेफ को तोड़कर रकम निकालने के आरोप में 29 लोग गिरफ्तार हुए हैं (Photo: PTI) नेपाल के धादिंग में बाढ़ में बहकर आए बैंक के सेफ को तोड़कर रकम निकालने के आरोप में 29 लोग गिरफ्तार हुए हैं (Photo: PTI)

पंकज दास / रोहित कुमार सिंह

  • काठमांडू, नेपाल,
  • 29 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:33 PM IST

बाढ़ में बहकर आए बैंक के सेफ को तोड़कर उसमें से रकम निकालने के आरोप में नेपाल पुलिस ने 29 लोगों को गिरफ्तार किया है. यह घटना धादिंग जिले के त्रिशूली नदी क्षेत्र में हुई, जहां भीषण बाढ़ के दौरान एक बैंक का सेफ पानी में बहकर आ गया था. गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से 92 लाख 68 हजार 505 नेपाली रुपये नकद बरामद किए गए हैं. यह पूरी कार्रवाई नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की संयुक्त टीम ने मिलकर की.

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सशस्त्र पुलिस के सह-प्रवक्ता शैलेन्द्र थापा ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि बाढ़ के तेज बहाव में किसी बैंक का सेफ बॉक्स बह गया था और वह त्रिशूली नदी के किनारे जा फंसा. इसके बाद कुछ लोगों ने मौके का फायदा उठाते हुए सेफ को तोड़ने की कोशिश की, ताकि उसमें रखी रकम निकाली जा सके. पुलिस को इसकी जानकारी मिलते ही मौके पर टीम भेजी गई और आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया.

जिला पुलिस कार्यालय धादिंग के प्रवक्ता डीएसपी प्रकाश दाहाल ने भी इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि अभी यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं. साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि बरामद रकम असल में कहां से आई थी और सेफ किस बैंक शाखा का था.

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पुलिस का कहना है कि आपदा के समय मिलने वाली संपत्ति या रकम को बिना कानूनी प्रक्रिया के अपने पास रखना या निकालना एक गंभीर अपराध माना जाता है, इसलिए इस मामले में सख्ती से कार्रवाई की जा रही है.

यह घटना ऐसे समय हुई है जब नेपाल पहले से ही एक बड़ी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है. नेपाल और तिब्बत की सीमा के पास हिमखंड टूटने से बुधवार को अचानक बाढ़ आई थी, जिसने मध्य नेपाल के कई इलाकों को तबाह कर दिया. इस आपदा में घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल तक बह गए. शनिवार तक इस आपदा में मरने वालों की संख्या 626 तक पहुंच गई थी, जबकि 2400 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. करीब 2500 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

92 लाख नेपाली रुपये, भारतीय मुद्रा में लगभग 58 लाख रुपये के बराबर हैं

 

राहत और बचाव कार्य में 11 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं, जिनमें 5 हजार से अधिक नेपाली सेना के जवान शामिल हैं. मौसम विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिर से बारिश और तूफान की चेतावनी दी है, जिससे राहत कार्य में रुकावट आने की आशंका जताई जा रही है.

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चितवन में नदी से 233 शव बरामद

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद चितवन जिले में नदी से अब तक 233 शव बरामद किए जा चुके हैं. इनमें से सिर्फ 4 शवों की पहचान हो पाई है, जबकि 229 शव अब भी अज्ञात हैं. तेजी से सड़ रहे शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में संक्रमण और महामारी का खतरा देखते हुए चितवन प्रशासन ने इन शवों को दफनाने का फैसला किया है. 229 अज्ञात शवों का सामूहिक दफन आज से देवघाट में तय स्थान पर शुरू होगा. दफनाने से पहले प्रत्येक शव का DNA सैंपल लिया जाएगा. इसके साथ ही हर शव और मानव अवशेष को एक यूनिक कोड दिया जाएगा, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उनकी पहचान की जा सके.

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